वृंदावन। आनंद वाटिका स्थित गौड़ीय मठ से अगवा हुए तीन वर्ष के बच्चे की तलाश में कोतवाली पुलिस ने मध्यप्रदेश तक जाल फैला दिया। वहीं काशीराम चौराहा पर तैनात चार सिपाही नान की दुकान पर दस घंटे से बैठे उसी बच्चे की अनदेखी करते रहे। यह खुलासा दुकानदार ने मंगलवार को कोतवाली में किया। पुलिस ने सहयोग के लिए दुकानदार का कोतवाली में सम्मान किया। वहीं पुलिस लापरवाही बरतने वाले चारों पुलिसकर्मियों की पहचान में जुटी है।
हरिवंश नगर निवासी मंगल सिंह और उनकी पत्नी पूजा अपने तीन वर्षीय बेटे गोपाल के साथ आनंद वाटिका में भोजन करने गए थे। मध्यप्रदेश के मंगरौन निवासी दंपति भोजन करने के बाद बर्तन साफ कर रहे थे तभी मंगल का साथी मध्यप्रदेश के दमोह निवासी लखन लाल उसके बेटे को अगवा कर ले गया।
दरअसल लखन के पास कोई औलाद नहीं है, इस कारण वह बच्चे को पालने के लिए ले गया था। रास्ते में काशीराम चौराहा के पास वह बच्चे को छोड़कर भाग गया। बच्चा सुबह पौने छह बजे राया के तिरवाया निवासी दया पहलवान को मिला जो अपनी नान की दुकान खोलने आया था। दुकानदार ने बच्चे के बारे में चौराहा तक तैनात चार पुलिसकर्मियों को बताया लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसकी बात की अनदेखी कर दी। दुकानदार ने शाम चार बजे तक दस घंटे तक बच्चे को खाना खिलाकर दुकान पर बैठाए रखा। जब कोतवाली पुलिस को पता चला के अपह्रत बच्चा नान की दुकान पर है तो उसे सुरक्षित लाया गया।