मथुरा। टीला ढहने के बाद मलबे को हटाती जेसीबी।
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मथुरा। माया टीले पर खुदाई के समय हुए हादसे के बाद रविवार को पूरे दिन पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौके पर जमे रहे। देर रात तक रुक-रुक कर बचाव कार्य चालू रहा। रात में बचाव कार्य जारी रखने के लिए नगर निगम ने जेनरेटर और लाइट की व्यवस्था की।
रविवार को जैसे ही अधिकारियों को जानकारी हुई कि माया टीला की खुदाई के दौरान मलबे में दबने से तीन लोगों की मौत हो गई है और कई लोगों के मलबे में दबे होने की संभावना है। मौके पर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ की टीम भी बुलाई गई। एनडीआरएफ और पुलिस डॉग स्क्वायड के साथ मलबे में दबे लोगों को खोजने के लिए प्रयास करती रही। कई बार के प्रयास बाद भी किसी को नहीं खोज पाए। एनडीआरएफ ने अपने उपकरणों से भी मलबे में दबे मजदूरों को खोजा, लेकिन उन्हें भी सफलता नहीं मिली।
इधर, घटना के बाद से शुरू हुआ बचाव कार्य दोपहर में कई बार बंद हुआ। शाम 5 बजे के करीब मलबा हटाने में जुटी जेसीबी मशीनों को रोक दिया गया। इसके बाद 5.20 पर पुन: कार्य शुरू हो गया, लेकिन थोड़ी देर बाद 5.56 पर पुन: बचाव कार्य रोक दिया गया जो 6:25 बजे दोबारा काम शुरू हुआ। इसके बाद अंधेरा होने के कारण 6:50 बजे से काम बंद है। सीओ सिटी भूषण वर्मा ने बताया कि रात में बचाव कार्य लगातार जारी रहेगा। दिन में मशीन गर्म होने और डॉग स्क्वायड की खोजबीन के कारण मशीन बंद हुई।