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Mathura News: दबे पांव आई मौत और नींद में ही छीन ले गई मासूम बहनों की जिंदगी

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मथुरा। हादसे के बाद मलबे में से सामान निकालता पुलिसकर्मी। - फोटो : mathura
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अम्बर अग्निहोत्री
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मथुरा। माया टीला और उस पर बने मकान ढहने से हुए हादसे में मामा के घर आईं दो मासूम बहनों की जान चली गई। नींद के आगोश से मौत ने एक ही झपट्टे में उन्हें अपने आगोश में ले लिया। बेटियों की मौत पर माता और पिता बिलख रहे हैं। उन्हें यही अफसोस है कि अगर बेटियां घूमने अपने ननिहाल न आतीं तो शायद उनकी जान बच जाती।

वृंदावन के गौतमपाड़ा निवासी मोहन की दोनों बेटियां यशोदा और काजल शुक्रवार को माया टीला स्थित अपने मामा दीपक शर्मा के यहां आईं थीं। दो दिन से दोनों बहुत खुश थीं। रविवार को घटना से पहले सुबह 10 बजे के करीब दीपक ने खुद दोनों मासूम बहनों को नहलाने के बाद खाना खिलाकर उन्हें चारपाई पर एक साथ सुला दिया था। उनसे कहा था कि बाहर धूप बहुत तेज है अभी वह सो जाएं और शाम को बाहर जाकर खेलें।
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दीपक को क्या पता था कि अब उसकी दोनों भांजी दोबारा कभी नहीं उठेंगी। दोपहर 12 बजे हादसे के बाद दो घंटे तक दोनों बहनें मकान के मलबे में दबी रहीं। दोपहर दो बजे के करीब उन्हें पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम ने दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक जिंदगी हार गई और मौत जीत गई थी। बेटियों की मां सीमा और पिता मोहन का रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों को इसी बात का अफसोस है कि अगर बेटियां घूमने न आतीं तो शायद यह हादसा नहीं होता। संवाद
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दीपक बोले बहन को क्या जवाब दूंगा
मामा दीपक दोनों बेटियों की मौत से सदमे में हैं। वह बार-बार एक ही बात कह रहे हैं कि अब बहन को क्या जवाब दूंगा, उसकी बेटियां कहां से वापस करूंगा। लोग उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उनके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
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