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Vrindavan: बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन करना हुए आसान, खाटू श्याम मंदिर की तर्ज पर हुई ये नई व्यवस्था

Sat, 10 Jan 2026 12:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़ को देखते हुए दर्शन की नई व्यवस्था की गई है। इस नई व्यवस्था से मंदिर में भक्तों को बांके बिहारी के दर्शन बेहद ही सुगमता के साथ हुए। 
 
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बांकेबिहारी मंदिर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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श्री बांकेबिहारी मंदिर में मेरठ की एजेंसी ने प्रवेश द्वार तीन से रेलिंग लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। मंदिर में मेरठ की कार्यदायी संस्था द्वारा बृहस्पतिवार को रातभर रेलिंग लगाने का कार्य किया गया। प्रवेश द्वार तीन से लेकर मंदिर के पीछे के चौक से होकर मुख्य चौक के ढलान तक रेलिंग लगाई गई। शनिवार को खाटू श्याम मंदिर की तर्ज पर लगाई गई रेलिंग में से होकर मंदिर के चौक तक पहुंचे श्रद्धालुओं ने नई व्यवस्था की सराहना की।
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शनिवार को श्री बांकेबिहारी मंदिर में सुबह से ही गेट तीन से प्रवेश करने वाले श्रद्धालु नई रेलिंग व्यवस्था से होकर मंदिर के चौक तक पहुंचे। प्रवेश द्वार तीन से मंदिर के पीछे के चौक व मुख्य चौक तक तीन रेलिंग लगाई गईं। इन रेलिंग में होकर श्रद्धालु मंदिर के मुख्य चौक तक पहुंचे और ठाकुरजी के सुगमता के साथ दर्शन किए। मंदिर में आ रही श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मेरठ की कार्यदायी संस्था कनिका कंस्ट्रक्शन के कर्मचारी रात के समय रेलिंग लगाने का कार्य कर रहे हैं।

 

श्री बांकेबिहारी मंदिर हाई पावर्ड प्रबंध कमेटी के निर्देश पर रेलिंग लगाने का कार्य किया जा रहा है। कंपनी के छह कर्मचारी इस कार्य में लगे हुए हैं। सोमवार रात को आई टीम ने कमेटी द्वारा तैयार नक्शे के अनुसार रेलिंग लगाने से पहले नाप जोख कर निशान लगाए। उसके बाद मेरठ से आई स्टील की रेलिंग को लगाने का कार्य शुरु कर दिया गया। कंपनी के सुपरवाइजर प्रिंस ने बताया कि मंदिर में लगभग 2500 मीटर स्टील की रेलिंग लगाई जाएगी। मंदिर के प्रवेश द्वार दो से एवं प्रवेश द्वार तीन से तीन-तीन रेलिंग लगाई जाएंगी। जो कि निकास द्वार संख्या एक और चार तक लगेंगी। जबकि प्रवेश द्वार पांच से निकास द्वार चार तक दो रेलिंग लगाई जाएंगी। इसमें एक वीआईपी के लिए होगी। वीआईपी गेट पांच से रेलिंग में प्रवेश कर सीधे वीआईपी कठघरा तक पहुंच सकेंगे। प्रवेश द्वार से निकास द्वार तक सभी रेलिंग में पांच-पांच गेट बनाए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर एक रेलिंग से दूसरी रेलिंग में जाया जा सके।


 
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मंदिर में रेलिंग व्यवस्था से दर्शन होंगे सुगम नहीं खाने होंगे धक्के
1- गाजियाबाद निवासी पूनम ने बताया कि ठाकुरजी के दर्शन के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं। इसे देखते हुए अन्य देश के मुख्य मंदिरों की तरह यहां भी बहुत पहले ही रेलिंग लग जानी चाहिए थी। इससे अब आस्था लेकर आने वाले भक्तों को चौतरफा धक्के खाने को नहीं मिलेंगे।
2- नोएडा से आए राजू का कहना है कि मंदिर में रेलिंग लगने से श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन हो सकेंगे। अब बुजुर्ग भी सीधे रेलिंग में चलकर सिर्फ ठाकुरजी के दर्शन कर सकेंगे, लेकिन माला प्रसाद चढ़ाने में दिक्कत आ सकती है। इसके लिए भी मंदिर प्रबंधन को व्यवस्था करनी चाहिए।
3- दिल्ली के  नरेश बंसल ने बताया कि जो लोग यहां अनावश्यक भीड़ लगाते थे, रेलिंग लगने से अब वह भीड़ नहीं लगेगी। दर्शन जल्द और सुगमता के साथ होंगे। यह व्यवस्था मंदिर के बाहरी तरफ भी होनी चाहिए।
4- दिल्ली से प्रखर का कहना है कि मंदिर में लगी रेलिंग से मैं और मेरा परिवार गेट से लेकर चौक तक सहज आ गया। किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। यह अच्छी व्यवस्था है।

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