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डेढ़ वर्ष बाद ट्रैक पर दौड़ी रेलबस

Fri, 04 Nov 2016 11:00 PM IST
अमर उजाला वृंदावन
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रेल बस - फोटो : self
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रेलबस सेवा जल्द ही फिर से मथुरा-वृंदावन के बीच शुरू हो जाएगी। रेलबस के ठीक होकर आने के बाद शुक्रवार को इसका पहला ट्रायल किया गया। 23 जुलाई, 2015 को मथुरा-वृंदावन के बीच रास्ते में रेलबस खराब हो गई थी। अब 1 साल 102 दिन बंद रही रेलबस सेवा के जल्द शुरू होने की संभावना से लोगों में खुशी है। ट्रायल को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग स्टेशन पर पहुंच गए। 
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शुक्रवार की दोपहर 12:25 बजे मथुरा जंक्शन से चलकर रेलबस 1:13 बजे वृंदावन स्टेशन पर पहुंची। रेल बस को चालक संदीप मुखर्जी लेकर वृंदावन पहुंचे। ट्रेन में स्टेशन अधीक्षक केएल मीना, सीनियर सेक्शन इंजीनियर एके गौतम, वरिष्ठ खंड अभियंता ट्रैक श्याम कुमार, इज्जत नगर के कर्मचारी साथ रहे। 

स्टेशन मास्टर पवन कुमार ने उनका स्वागत किया। वृंदावन से करीब 2:15 बजे रेलबस मथुरा के लिए रवाना हो गई। रेलबस चालक ने बताया कि मथुरा से वृंदावन आने में रेलबस को करीब 50 मिनट लगे। रेल लाइन में कुछ कमियों के कारण स्पीड 50 किमी प्रति घंटे के स्थान पर 20 किमी प्रति घंटा ही रखी गई। 
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रेलवे अधिकारियों के मुताबिक ट्रायल के दौरान कुछ खामियां मिली हैं। जैसे इंजन अधिक लोड नहीं ले रहा है। रेल ट्रैक पर गिट्टियां नहीं थी। रेल फाटक खराब हो चुके हैं। ट्रैक से होकर लोगों ने रास्ता बना लिया है। इन कमियों को इस माह के अंत तक दूर करने के बाद रेल बस को यात्रियों के लिए शुरू कर दिया जाएगा।

23 जुलाई से पहले भी वर्ष 2015 में ही 3 मई को भी रेलबस सेवा बंद हो गई थी। तब 20 जुलाई को सेवा शुरू हुई लेकिन तीसरे दिन ही ये फिर बंद हो गई। पूर्व में भी इसे खराबी के कारण बंद किया गया था। 5 मई, 2011 को रेलबस तकनीकी खराबी के कारण बंद हुई। 28 मार्च, 2014 को बंद हुई लेकिन कुछ समय बाद शुरू हो गई। 

महंत फूलडोल बिहारीदास, महामंडलेश्वर नवल गिरी, संत महेशानंद सरस्वती, महंत हरिबोल बाबा, सेवानंद ब्रह्मचारी ने रेलबस सेवा के जल्द शुरू होने की संभावना पर कहा है कि श्रद्धालुओं इससे सबसे अधिक लाभान्वित होंगे।

अमर उजाला ने चलाया था अभियान
रेलबस सेवा को जल्द शुरू करने के लिए 23 दिसंबर, 2015 से ‘अमर उजाला’ की ओर से एक अभियान भी चलाया गया। जिसके बाद सांसद हेमामालिनी और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्रीय रेलमंत्री को इस संबंध में पत्र लिखा। तब वृंदावन आए रेल राज्यमंत्री मनोज सिह्ना ने रेलबस को जल्द शुरू कराने का आश्वासन दिया था।

जयपुर मंदिर के लिए पड़ी थी रेल लाइन 
रेलबस सेवा को वृंदावन के राधा माधव (जयपुर मंदिर) के निर्माण से जोड़ा जाता है। जयपुर घराने के राजा सवाई माधव सिंह द्वितीय ने जयपुर मंदिर के निर्माण कार्य के लिए 1905-08 के बीच जयपुर और धौलपुर से लाल पत्थरों की ढुलाई के लिए यहां मीटर गेज रेल लाइन बिछाई। मंदिर परिसर में अस्थायी एक स्टेशन भी बनाया गया। मंदिर का निर्माण 23 मई, 1917 में पूरा हुआ। बाद में इस मार्ग पर 1998 तक मथुरा-वृंदावन के बीच आठ डिब्बों वाली राधा रानी पैसेंजर रेल चली। इसमें कोयले का स्टीम इंजन लगा था। घाटे के चलते इसे बंद कर रेलबस सेवा शुुरू की गई। 

बदली गई है रेल लाइन
वर्ष 1905 से 1908 के बीच बिछाई गई रेल लाइन को बदला गया है। वर्ष 2013 में रेलवे ने मथुरा-वृंदावन के बीच करीब 15 किलोमीटर से अधिक की इस पुरानी लाइन को बदलने का प्रस्ताव तैयार किया था। 2014 के अंत में रेलवे ने कार्य शुरू किया। करीब आठ महीने तक चले इस कार्य में 10 करोड़ का व्यय किया गया। 
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