वृंदावन। ठाकुर श्री राधावल्लभ लाल जी का ऐतिहासिक और भावविभोर कर देने वाला दर्शन सोमवार को उस समय हुआ, जब 81 वर्षों के अंतराल के बाद प्रिया-प्रियतम नवीन दिव्य रथ में विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले। हितोत्सव के अवसर पर श्री राधावल्लभ मंदिर से निकली पहली चाव में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी और रथयात्रा का मनोहारी दृश्य देख श्रद्धा और भक्ति से सभी भाव-विभोर हो उठे।
इस वर्ष की शोभायात्रा का विशेष आकर्षण रहा नवीन रथ, जिसे राजस्थानी कारीगरी, सुगंधित फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया। यह रथ 81 वर्षों बाद ठाकुरजी की सेवा में पुनः समर्पित किया गया है। रथ पर विराजे प्रिया-प्रियतम जब सखी-सहचरी परिकर सहित नगर भ्रमण पर निकले, तो संपूर्ण वृंदावन उनका दर्शन करने को उमड़ पड़ा।
विधिवत पूजन के साथ हुआ रथ का समर्पण
रथयात्रा से पूर्व श्रीमती सुधा गोस्वामी, राधेश गोस्वामी, जनार्दन भट्ट महाराज, राधावल्लभ मंदिर वैष्णव कमेटी रास वंश के मंत्री पवन कसेरा और श्यामसुंदर अग्रवाल द्वारा रथ का विधिवत पूजन कर उसे ठाकुरजी की सेवा में समर्पित किया गया।
चार पीढ़ियों की सेवा परंपरा का अनुपम उदाहरण
रथ को सेवा में समर्पित करने वाले वृंदावन के मूल परिवार की चौथी पीढ़ी के सदस्य श्यामसुंदर अग्रवाल ने बताया कि इस रथ से पहले ठाकुरजी की सेवा में जो रथ प्रयोग में लाया जा रहा था, उसे उनके परदादा स्व. पन्नालाल अग्रवाल ने वर्ष 1944 में समर्पित किया था। यह सेवा परंपरा अब अगली पीढ़ी द्वारा पुनर्जीवित की गई है।
चाव में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब
रथ के दर्शन के लिए वृंदावनवासियों के साथ दूर-दराज से आए श्रद्धालु भी शामिल हुए। शोभायात्रा मार्ग पर जगह-जगह फूलों की वर्षा की गई और भक्ति संगीत से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
उपस्थित रहे कई विशिष्ट श्रद्धालु और सेवक
इस भावपूर्ण अवसर पर सुषमा अग्रवाल, विष्णु प्रसाद अग्रवाल, आनंद मोहन अग्रवाल, प्रेम किशोर अग्रवाल, घनश्याम अग्रवाल, रामदास अग्रवाल, बलदेव दास अग्रवाल, कन्हैया गोस्वामी, अभय गोस्वामी समेत अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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