वृंदावन। प्रस्तावित श्रीबांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर के लिए वृंदावन में भूमि सर्वे पूरा हो गया है। इस परियोजना में 16वीं शताब्दी का प्राचीन ठा. श्रीराधामोहनजी मंदिर भी टूटने की कगार पर है।
राधामोहन घेरा में हुई बैठक में संत समाज, सेवायत और सांस्कृतिक संस्थानों ने गहरी चिंता जताई। डॉ. जयेश खंडेलवाल ने कहा कि राधामोहन मंदिर का उल्लेख ब्रज साहित्य में मिलता है, इसे तोड़ना सांस्कृतिक विनाश है। ब्रज संस्कृति शोध संस्थान, राधावल्लभ संप्रदाय के सेवायतों और इतिहासकारों ने बताया कि यह मंदिर शाही लाल पत्थर से निर्मित है और श्रीहित हरिवंश गोस्वामी जी की परंपरा से जुड़ा है।
कॉरिडोर नक्शे में मंदिर को तोड़ने के लिए नंबर अंकित कर दिए गए हैं, जिससे भावनाएं आहत हैं। गोपाल शरण शर्मा ने श्रीचैंनकिशोर जी की समाधि पर लगे 1874 संवत् के शिलालेख का उल्लेख करते हुए प्रशासन से अपील की कि प्राचीन धरोहरों की रक्षा की जाए।