मथुरा/बरसाना। श्रीराधारानी का प्राकट्य 31 अगस्त को धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। राधाष्टमी के साथ ही बरसाना में बूढ़ी लीला महोत्सव का शुभारंभ हो जाएगा। दस दिन तक चलने वाले इस महोत्सव में राधारानी और उनकी सखियों की लीलाएं विभिन्न स्थलों पर संपन्न होंगी। भक्त मानते हैं कि इन लीलाओं का दर्शन करना स्वयं राधा-कृष्ण के युगल स्वरूप का अनुभव करना है।
महोत्सव के तहत 30 अगस्त को ऊंचागांव में ललिता जन्मोत्सव, 31 अगस्त को लाडिलीजी मंदिर में राधा जन्मोत्सव व चाव चढ़ाई, 1 सितंबर को लाडिलीजी मंदिर में विग्रह अभिषेक, शाम को सफेद छतरी में दर्शन, सुबह मोरकुटी पर मयूर लीला व शाम को लाडिलीजी मंदिर में ढाढ़ी-ढाढ़ीन लीला,
2 काे सुबह विलासगढ़ पर विलास लीला व शाम को मान मंदिर में मान लीला, 3 को सांकरी खोर में चोटी बंधन लीला व शाम प्रेम सरोवर (गाजीपुर) में नौका विहार, 5 सितंबर को ऊंचागांव (सखिगिरी पर्वत) में ब्याहवला लीला व शाम को प्रियाकुंड पर नौका विहार, 5 को दोपहर सांकरी खोर में मटकी फोड़ लीला व शाम को दंगल, 6 को राजस्थान के कदम्ब खंडी में चीरहरण लीला और 8 सितंबर को मडोई, करहला व राधाबाग में महारास लीला होगी।