राधाकुंड की जल की सतह पर जमी मोटी काई
राधाकुंड। नगर पंचायत अध्यक्ष रामफल ने बताया कि जुलाई व अगस्त माह में टाटा समूह द्वारा राधा-श्याम कुंड की सफाई और पुनर्निर्माण का कार्य कराया जाएगा। गिरिराज परिक्रमा मार्ग में पड़ने वाले कुंड का क्षेत्रफल करीब 3 एकड़ है। यहां जल के ऊपर मोटी काई जम चुकी है।
नगर पंचायत के ईओ रिंकू सिंह राही (आईएएस) ने कुंड के आसपास बने आश्रम, घर और मंदिरों का निरीक्षण किया। आश्रमों में बने मल-मूत्र के टैंक सोखता पाए गए। इसका सीधा असर राधा-श्याम कुंड के जल पर हो रहा है और उसमें से दुर्गंध उठ रही है। इस संबंध में आश्रम संचालकों को नोटिस दिए गए हैं।
पूर्व में पानी के नमूने को लेकर परीक्षण कराया था। इसमें दोनों कुंडों का जल प्रदूषित पाया गया। गुरुग्राम की कंपनी ने राधा-श्याम कुंड में न्यू लगी बैक्टीरिया डाला था। कंपनी द्वारा तीन-चार बार बैक्टीरिया का जल में प्रयोग किया गया।
अंत में सफलता हाथ नहीं लगी और जल के अंदर ऑक्सीजन नहीं पैदा हो सकी। कई आश्रमों में तो टैंक वहां बने कुओं में ही बना दिए गए हैं।