उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र और आदर्श वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से मंगलवार को शिक्षामित्रों ने सांसद हेमामालिनी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। सांसद प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद शहर में पैदल मार्च निकालकर विरोध जताया। शिक्षामित्रों ने समायोजन रद्द करने के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
केंद्र सरकार की दोहरी नीति का विरोध करते हुए सांसद हेमामालिनी की अनुपस्थिति में सांसद प्रतिनिधि जनार्दन शर्मा को ज्ञापन सौंपा।
सांसद प्रतिनिधि ने शिक्षामित्रों की हरसंभव सहायता किए जाने के साथ ही सांसद के जिला आगमन पर शिक्षामित्रों के प्रतिनिधिमंडल की उनसे मुलाकात कराने के प्रयास का आश्वासन दिया। इसके बाद शिक्षामित्रों ने डैंपियर नगर, होलीगेट, भरतपुर गेट, जंक्शन मार्ग होते हुए किसान भवन तक पैदल मार्च निकाला।
जिलाध्यक्ष खेम सिंह चौधरी, संजय सिसौदिया और दुष्यंत सारस्वत ने कहा कि एनसीईटी ने हाईकोर्ट में लगाए गए काउंटर में बताया है कि शिक्षामित्रों का प्रशिक्षण उसकी अनुमति के बगैर हुआ है। इस दौरान मुकेश उपाध्याय, पंकज निषाद, यतेंद्र सिंह, राजकुमार चौधरी, साजिद अहमद, वकील अहमद, तेजवीर सिंह, सतीश सैनी, दीपक गुप्ता, मुंशिफ अली, गौरव, वीरेंद्र चौधरी, पूजा चौधरी, मधुबाला, अनीता शर्मा आदि उपस्थित रहे।
आज डीएम को सौंपेगे ज्ञापन
बुधवार को शिक्षामित्र कलक्ट्रेट पर 11 बजे मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपेंगे।
कैंडल जलाकर दी श्रद्धांजलि
समायोजन रद्द होने के बाद से स्वयं जान देने वाले अथवा हार्ट अटैक से मरने वाले शिक्षामित्रों की आत्मा की शांति के लिए मंगलवार देर शाम उप्र प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने शहीद भगत सिंह पार्क में कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान जिलाध्यक्ष संजय सिसौदिया, संजय कटारा, श्रीकांत शर्मा, उपेंद्र दीक्षित, गोविंद गुप्ता, राधाकांत कटारा, गिरधारीलाल शर्मा, प्रिया शर्मा, पूजा चौधरी आदि उपस्थित रहे।