वृंदावन। 401 वर्षों की गौरवशाली परंपरा का निर्वहन करते हुए श्रीराधावल्लभलालजू की परंपरागत रंगीली होली सवारी 27 फरवरी को रंगभरनी एकादशी पर आयोजित की जाएगी। यह सवारी देश विदेश में मशहूर है। इस शोभायात्रा में देश विदेश से लोग शामिल होने आते हैं।
अखिल भारतवर्षीय श्रीराधावल्लभीय वैष्णव महासभा के अध्यक्ष श्रीहितसंप्रदायाचार्य योगेंद्रवल्लभ गोस्वामी महाराज ने आयोजन की जानकारी दी। बताया कि यह दिव्य परंपरा पिछले 401 वर्षों से निर्बाध रूप से चली आ रही है। रंगभरनी एकादशी का दिन विशेष है, जब श्रीप्रियाप्रियतम अपनी निज सखियों के साथ नगर में होली खेलने के लिए निकलेंगे। शोभायात्रा के समापन पर मंदिर परिसर में रंगीली होली का शुभारंभ होगा।
शोभायात्रा श्रीहित राधावल्लभीय निर्मोही अखाड़ा, बड़ा रासमंडल (गोविंद घाट) से प्रारंभ होकर मंदिर घेरा स्थित श्रीराधावल्लभ मंदिर में संपन्न होगी। आयोजन महामंडलेश्वर श्रीमहंत लाड़लीशरण महाराज, बाबा रसिक माधवदास महाराज एवं विष्णुमोहन नागार्च के सानिध्य में किया जाएगा।