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प्रेमानंद महाराज का नया संदेश: 'निंदा और तिरस्कार को भगवान की कृपा मानें; जानें संत ने और क्या कहा

Fri, 09 Oct 2026 01:36 PM IST
Dhirendra Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

संत प्रेमानंद महाराज ने साधकों और शिष्यों को विरोध, अपमान और निंदा के समय संयम बनाए रखने की सीख दी। उन्होंने ऐसी परिस्थितियों को भगवान की कृपा मानकर भक्ति और अपने आचरण पर ध्यान देने का संदेश दिया।
 
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संत प्रेमानंद - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज ने साधकों और शिष्यों को विरोध होने पर संयम बरतने और चुप रहकर परिस्थितियों का सामना करने की सीख दी है। उन्होंने संदेश दिया कि जब समाज में अपमान, निंदा और तिरस्कार का सामना करना पड़े तो उसे भी भगवान की कृपा के रूप में स्वीकार करना चाहिए। संत की सीख से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद यह चर्चा का विषय बना हुआ है।
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जानकारी के अनुसार, संत प्रेमानंद महाराज शिष्य रसिक दुलारी प्रकरण के बाद पहली बार केलिकुज आश्रम पहुंचे।  यहां साधकों एवं शिष्यों को यह महत्वपूर्ण सीख दी। उन्होंने समझाया कि जीवन में विपरीत परिस्थितियां आने पर व्यक्ति को धैर्य नहीं खोना चाहिए। दूसरों के विरोध या आलोचना का जवाब देने के बजाय अपने आचरण, साधना और भक्ति पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। अपमान के समय भी मन को शांत रखना और अहंकार से दूर रहना साधक के लिए महत्वपूर्ण है।
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रसिक दुलारी प्रकरण के बाद संत प्रेमानंद महाराज के केलीकुंज आश्रम पहुंचने के बाद उनका संबंधित वीडियो सामने आया है। इसके बाद उनके उपदेश को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
 
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