एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्मस्थली पर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश में सबसे बड़ी चुनौती गरीबी और बेरोजगारी की है। इनका समाधान पंडितजी की विचारधारा अंत्योदय से ही करने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है।
शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्मदिवस पर राष्ट्रीय पुनर्जागरण यात्रा के समापन समारोह में शामिल हुए देश भर के 15 हजार युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि युवा शक्ति में भारत दुनिया का सबसे धनवान देश है। इस युवा शक्ति का उपयोग देश के निर्माण में किए जाने की जरूरत है। जंग ए आजादी में सरदार भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और युवा अशफाक उल्ला खां के बलिदानों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि अब आजादी की रक्षा आप जैसे स्वाभिमान के धनी युवाओं पर है।
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि अब तक गरीबी खत्म करने के लिए सरकारी मदद दी जाती थी, लेकिन अब गरीबों को बख्शिश न देकर उन्हें स्वावलंबी बनाने की कोशिश की जा रही है, जिससे वह खुद के पैरों पर खड़े हो सकें। इसके लिए सरकार ने कई महत्वाकांक्षी योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि सभी को सरकारी नौकरी देना संभव नहीं है। ऐसे में स्किल डेवलपमेंट का काम किया जा रहा है।
जब हुनर होगा तो कोई भी युवा रोजगार स्थापित कर सकता है। इसमें आर्थिक मदद मुद्रा बैंक से की जाएगी। उन्होंने किसानों के लिए प्रधानमंत्री सिंचाई योजना में 50 हजार करोड़ के प्रावधान के साथ स्वच्छ भारत की चर्चा करते हुए कहा कुछ ही वर्षों में देश का एक भी परिवार ऐसा नहीं होगा जहां शौचालय न हो। इस दौरान केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने युवाओं से कहा कि कठिन परिश्रम करते हुए देश के विकास में योगदान दें।
इस मौके पर युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के सचिव राजीव गुप्ता, नेहरू युवा केंद्र के उपाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, पेराला शेखर राव, संगठन के महानिदेशक मेजर जनरल दिवाकर सिंह मौजूद रहे।