फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mathura News: डाकिया घर जाकर सेवानिवृत्त लोगों का बना रहे जीवित प्रमाण पत्र

विज्ञापन
डाकपाल मोहित घर जाकर राज्या गौतमी आर्या का डिजिटल जीवित प्रमाणपत्र बनाते । - फोटो : mathura
विज्ञापन
मथुरा। पेंशनर्स के सामने बड़ी समस्या होती है कि उन्हें प्रत्येक साल की 30 नवंबर तक स्वयं को जीवित प्रमाणित करना होता है, इसके लिए कई बार वह बैंकों से लेकर कोषागार तक की दौड़ लगाते हैं, लेकिन अब डाक विभाग ने इस समस्या को दूर कर दिया है। जिले में 230 डाकिया घर पहुंचकर डिजिटल माध्यम से जीवित प्रमाणपत्र बनाकर बैंक और संस्था तक पहुंचा रहे हैं। इसके लिए पेंशनरों को 70 रुपये का भुगतान करना होगा।
विज्ञापन

आईपीपीबी शाखा प्रबंधक अनुपम मिश्रा ने बताया कि जिले में शनिवार तक 260 से अधिक पेंशनर्स घर और शाखा में आकर प्रमाणपत्र बनावा चुके हैं। इसी सप्ताह 27 पेंशनर्स ने घर पर बुलाने के लिए डाकघर के पोस्ट इंफो एप पर अनुरोध किया है। इन सभी के घर डाकिया पहुंचकर जीवित प्रमाणपत्र बनाकर अपलोड कर रहे हैं। इससे बुजुर्ग, असहाय पेंशनर्स को अब बैंक जाने की समस्या नहीं होगी। डाकिया की डिवाइस में मोबाइल नंबर, आधार और पेंशन का विवरण जीवित व्यक्ति को देना होगा।
उन्होंने बताया कि सभी डाकियों को मोबाइल फोन से लैस किया गया है और इनका उपयोग फिंगर बायोमेट्रिक व फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक का उपयोग कर प्रमाण पत्र जारी कर बनाया जा रहा है। प्रवर डाक अधीक्षक विजेंद्र सिंह ने बताया कि डाकघर के सभी पोस्टमैन को अवगत करा दिया है। जिससे पेंशनर्स का जीवित प्रमाणपत्र डिजिटल माध्यम से बन सके।
विज्ञापन


यह है प्रक्रिया
- पेंशनर्स को डाकघर के डाकिया के माध्यम से जीवित प्रमाणपत्र बनवाना है तो इसके लिए पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी जाएगा, जिसे घर पहुंचे डाकिया को बताना होगा। यह सभी प्रकिया पेंशनर्स के सामने उसके घर पर ही की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें