सुबह पेपर के लिए पहुंचे छात्रों ने जानकारी मिलने पर किया हंगामा
- फोटो : अमर उजाला वृंदावन
पेपर लीक होने के कारण निरस्त की गई पॉलिटेक्निक एप्लाइड मैथ की परीक्षा 26 मई को एक बार फिर निरस्त कर दी गई। बोर्ड स्तर से सुबह आए आदेश के बाद परीक्षा के लिए पहुंचे छात्रों को इसकी जानकारी मिली। इस पर छात्र आक्रोशित हो गए और उन्होंने दोबारा पेपर लीक होने की आशंका जताते हुए हंगामा कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस को देखकर हंगामा कर रहे छात्र भाग गए। पीएमवी पॉलिटेक्निक के प्राचार्य एके पांडेय ने पेपर लीक की बात से अनभिज्ञता जाहिर की है।
बता दें कि 16 मई होने वाली पॉलिटेक्निक प्रथम वर्ष की एप्लाइड मैथ की परीक्षा फरह के कालेज से पेपर लीक होने के बाद निरस्त कर दी गई थी। इसके बाद प्राविधिक शिक्षा परिषद ने 26 मई की तारीख नियत की। गुरुवार को सुबह की पाली में आठ बजे से परीक्षा होनी थी। इसके लिए वृंदावन स्थित परीक्षा केंद्र पर दूर दराज शहरों और गांवों से छात्र सुबह छह बजे ही एकत्रित होने लगे। स्थानीय छात्र सात बजे तक कालेज पहुंचे। इस दौरान कालेज प्रबंधन ने पेपर निरस्त होने की जानकारी छात्रों को दी।
इस पर मायूसी के बाद कुछ छात्र तो अपने घरों को लौट गए लेकिन कुछ छात्रों ने व्यवस्थाओं को जिम्मेदार ठहराते हुए और पेपर लीक होने की आशंका जताते हुए हंगामा किया। छात्रों ने प्रदर्शन करते हुए मथुरा-वृंदावन मार्ग पर जाम लगा दिया। हालांकि सुबह मार्ग पर वाहनों की संख्या कम थी। हंगामे को देखकर कालेज प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी तो मौके पर चेतक टीम को देखकर छात्र भाग गए। छात्र नेता यश ठाकुर, नवीन, शिवा, मोहन कुमार ने कालेज प्रबंधन पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। छात्रों ने कहा कि 25 मई को एप्लाइड फिजिक्स के पेपर की तिथि की सही जानकारी न मिलने के कारण कई छात्र पेपर से वंचित रह गए हैं।
मामले में पीएमवी पॉलिटेक्निक के प्राचार्य एके पांडेय ने बताया कि प्राविधिक शिक्षा परिषद के सचिव एसके सिंह की ओर से कालेज कार्यालय में गुरुवार सुबह पांच बजे मेल कर परीक्षा निरस्त करने की जानकारी दी गई। तड़के तीन बजे उनके मोबाइल पर पेपर निरस्त और मेल चेक करने का मैसेज भेजा गया। मेल में लिखा है कि 25 मई को शाम 6:30 बजे हुई परीक्षा समिति की बैठक में परीक्षा निरस्त करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद सुबह छात्रों को जानकारी दे दी गई। प्राचार्य ने पेपर लीक के मामले में अनिभिज्ञता जाहिर की है। बताया कि गुरुवार को 788 छात्र-छात्राओं को पेपर देना था।