इस दौरान एक बाइक सवार तीन लोग आए। पुलिस ने रोका तो उन्होंने फायर झोंक दिया। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। इसमें तीनों के पैर में गोली लग गई। पुलिस ने इनको मौके से हिरासत में लेकर अस्पताल भेजा। पूछताछ में इनकी पहचान बलजीत निवासी समसपुर, रिफाइनरी, ललित निवासी बाटी, जैत और इसी गांव का चेतन के तौर पर हुई। बलजीत लूट की वारदात का मास्टरमाइंड निकली। इस पर रिफाइनरी थाने में आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
बलजीत ने बताया कि उसके घर के आगे से हर रोज सराफ आता-जाता था। उसने लूट की योजना बनाई। बाटी, जैंत का हिस्ट्रीशीटर राजू उसका दोस्त है। राजू के छोटे भाई झम्मन को योजना में शामिल किया। झम्मन ने अपने गांव के दो लड़के ललित और चेतन को तैयार किया। इसी प्लान के अनुसार रविवार को उसने सराफ की इनको मुखबिरी की। सेरसा-भूडरसू मार्ग पर हनुमान मंदिर के पास तीनों जाकर खड़े हो गए।
झम्मन और ललित ने डंडा मारकर सराफ को उसकी बुलट बाइक से गिरा लिया। इसके बाद लूट चेतन मोड़ पर खड़ा होकर राहगीरों पर निगाह रख रहा था। लूट के बाद तीनों एक बाइक पर सवार होकर कोसीखुर्द होते हुए अपने गांव भाग गए। बलजीत के पास माल को छिपाया गया था। इनके पास से एक बाइक, लूट के गहने, तीन तमंचे बरामद हुए हैं। तीनों घायल जिला अस्पताल में उपचाराधीन हैं।