मथुरा। तंत्र विद्या के लिए फिरोजाबाद के तस्कर वन्य जीवों की हत्या करके उनके अंगों की तस्करी कर रहे हैं। राधाकुंड परिक्रमा पर वन्य जीवों के अंगों की तस्करी की सूचना पर वन विभाग की टीम ने सुरागरसी शुरू कर दी। टीम को तीन लोग उल्लू के नाखून और मॉनीटर लिजार्ड (विषखापर) के प्रजनन अंगों को बेचते हुए मिले। टीम ने स्थानीय व्यापारी बनकर स्टिंग अ़ॉपरेशन के बाद तीनों तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। उनके विरुद्ध गोवर्धन थाने में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई।
डीएफओ वेंकटेश श्रीकर पटेल ने बताया कि दिल्ली की वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो से मिली जानकारी के बाद वन विभाग की टीमें राधाकुंड परिक्रमा मार्ग पर सक्रिय थीं। 23 नवंबर की रात को फिरोजाबाद के नारखी निवासी संजय कुमार व वीरेंद्र सिंह व कासगंज के विकास वन्य जीव के अंग बेचते मिले। इस पर तीनों तस्करों के पास टीम के लोग व्यापारी बनकर पहुंचे और उल्लू के 14 नाखून व मॉनीटर लिजार्ड के 50 प्रजनन अंग (हत्था-जोड़ी) का सौदा कर लिया।
इसके बाद तीनों तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि तस्करों ने पूछताछ में बताया कि कुछ लोग तंत्र विद्या के लिए उल्लू की लकड़ी (नाखून) और विषखापर के जैनेटियल अंगों की डिमांड करते हैं। इसलिए इन जीवों का शिकार करके इनके अंगों को बेचते हैं।