साल भर की उपलब्धियां बताने आए मोदी ने मां-बेटे और दामाद पर सीधे निशाना साधा। उन्होंने 365 दिन की सरकार की तुलना 30 बरस की कांग्रेस सरकार से की। जनता से सीधे संवाद कर हजारों की भीड़ से इस बात का जवाब लिया कि हां, अच्छे दिन आ गए हैं। मोदी ने कहा कि पिछली सरकार हम भी लूटो और तुम भी लूटो की तर्ज पर चल रही थी।
दीनदयाल धाम में एक साल पूरे होने पर आयोजित पहली जनकल्याण सभा में नरेंद्र मोदी ने पिछली सरकार को घपले-घोटाले और मां-बेटे-दामाद की सरकार बताकर हजारों की भीड़ को यह समझाने का जतन किया कि खदानों से लेकर टूजी स्पेक्ट्रम तक किस तरह से लूट मची थी। 365 दिन में एक भी भ्रष्टाचार न होने की बात का जवाब
उन्होंने जनता से लिया। मोदी ने पूछा कि भ्रष्टाचार हुआ, जनता ने कहा नहीं। मोदी ने पूछा कि सरकार न चुनी होती तो देश बदलता, परिवर्तन हुआ होता। जनता ने कहा नहीं। फिर मोदी ने कहा कि रोज नया भ्रष्टाचार, नेता को जेल, हर दिन नया घोटाला, कोयले की चोरी, दिल्ली में दलाली सब बंद हो गई। जिनके बुरे कर्म थे उनके बुरे दिन आ गए लेकिन बाकी सबके अच्छे दिन आ गए कि नहीं। जनता ने कहा, हां आ गए।
पूरे संबोधन में मोदी ने सोनिया, राहुल और राबर्ट वाड्रा का नाम लिए बगैर सिलसिलेवार निशाना साधा। मोदी ने यहां तक कह डाला कि लगातार सत्ता को रिमोट से कंट्रोल करने वाले अब चीख रहे हैं, चिल्ला रहे हैं। लेकिन हम रुकने वाले नहीं हैं जिन्होंने बुरे कर्म किए हैं उनके अभी और बुरे दिन आएंगे। अब लूट नहीं चलेगी, देशवासियों की तिजोरी पर जनता का संतरी बैठ गया है और एक-एक पैसे का सदुपयोग होगा। अपनी दीर्घकालिक योजनाओं से जनता को अवगत कराने के साथ-साथ मोदी लगातार मां-बेटे-दामाद को कठघरे में खड़ा करते रहे।
बदला बदला सा दिखा अंदाज-ए-मोदी
मोदी का अंदाज इस बार बदला-बदला सा नजर आया। पिछली बार 21 अप्रैल को मथुरा के बाजना पुल पर आयोजित सभा में मोदी ने घपले-घोटाले से मुक्ति की बात तो कही थी लेकिन तेवर इतने तीखे न थे। इस बार दीनदयाल के धाम में मोदी मां-बेटे और दामाद को लेकर लगातार तल्ख टिप्पणी करते रहे।