मथुरा। जिले में गेहूं की कटाई लगभग पूरी हो चुकी है। इस समय किसानों के खेत खाली पड़े हैं। ऐसे में कृषि विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि गहरी जुताई कर लें। विशेषज्ञों ने बताया कि गर्मी में खेत की गहरी जुताई खरीफ के लिए फायदेमंद है बशर्ते कि यह तय समय पर हो।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी सुबोध कुमार ने बताया कि गर्मी की जुताई से रबी या जायद की फसलों पर लगे हुए हानिकारक कीटों के अंडे या लार्वा, जो दरारों में छिपे होते हैं, मई-जूून की तेज धूप से नष्ट हो जाते हैं। इससे खेत कीट-पतंगों से सुरक्षित हो जाता है एवं अगली फसल में कीटों के प्रकोप की संभावना कम हो जाती है। साथ ही साथ खर-पतवार के बीज अधिक गहराई में पहुंच नहीं पाते है। उन्होंने कहा कि रबी या खरीफ फसलों में प्रयोग किए गए कीट और खर-पतवार नाशकों का असर जमीन में गहराई तक हो जाता है। गर्मी में जुताई कर देने से खेत में उनका प्रभाव खत्म हो जाता है।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने ने बताया कि शासन ने सहभागी फसल निगरानी और निदान प्रणाली (पीसीएसआरएस) नवीन प्रणाली शुरू की है। इसमें विभाग द्वारा दो मोबाइल नंबर 9452247111 एवं 9452257111 जारी किए गए हैं। इन नंबरों पर किसान अपना कृषक पंजीकरण नंबर अथवा अपना नाम, ग्राम का नाम, विकासखंड का नाम और फसल में लगने वाले कीट रोग का नाम, फोटो सहित व्हाट्सऐप के माध्यम से भेजकर 48 घंटे में समाधान प्राप्त कर सकते हैं।