छाता कस्बे के शेरगढ़ चौराहा पर कड़ाके की ठंड में शॉल ओढ़कर सोता व्यक्ति। संवाद
छाता। जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर पंचायत द्वारा छाता कस्बे में कोतवाली के निकट सामुदायिक भवन में रैन बसेरे की व्यवस्था की गई है, लेकिन इसके बावजूद यह रैन बसेरा खाली पड़ा हुआ है। वहीं कस्बे के विभिन्न चौराहों और सड़कों के किनारे कुछ लोग ठिठुरती ठंड में खुले आसमान के नीचे सोते हुए नजर आ रहे हैं।
शनिवार देर रात शेरगढ़ चौराहे पर गांव जाने के लिए साधन न मिलने से परेशान गांव असतोली निवासी महेश चौराहे पर ही शॉल ओढ़कर सोने को मजबूर हो गए। इस संबंध में नगर पंचायत की चेयरमैन लक्ष्मी देवी ने बताया कि नगर पंचायत द्वारा लोगों के विश्राम और ठंड से बचाव के लिए रैन बसेरा बनाया गया है। कोई भी व्यक्ति खुले में न सोए, इसके लिए रैन बसेरे में समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। रैन बसेरे के संचालक मिथिलेश ने बताया कि रात्रि विश्राम के लिए आने वाले व्यक्ति को आधार कार्ड दिखाना होता है। रैन बसेरे में साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पलंग, रजाई-गद्दे तथा शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।