छाता। बंद पड़ी छाता शुगर मिल को पुनः चालू कराने की मांग को लेकर चल रहे भूतपूर्व सैनिक किसान धरने को शुक्रवार को उस समय बड़ी मजबूती मिली, जब बरसाना चेयरमैन प्रतिनिधि पदम फौजी आसपास के दर्जनों गांवों के सैकड़ों समर्थकों के साथ धरना स्थल पहुंचे। वह अपने साथ श्रीजी पीठ बरसाना से राधा रानी का प्रसाद और पवित्र ध्वज (झंडी) लेकर पहुंचे थे। उनके आगमन से आंदोलनकारी किसानों में भारी उत्साह देखने को मिला।
पदम फौजी ने कहा कि पूरा बृज क्षेत्र इस आंदोलन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र के किसानों की एक ही मुख्य मांग और जिद है कि जिस स्थान पर पहले शुगर मिल संचालित होती थी, ठीक उसी स्थान पर इसे पुनः चालू किया जाए, ताकि स्थानीय किसानों को उनका वाजिब हक मिल सके। अपने संघर्षों को याद करते हुए पदम फौजी ने कहा, मेरा जीवन हमेशा से क्रांतिकारी विचारों वाला रहा है। जनता के अधिकारों की लड़ाई के लिए पहले भी जेल गया हूं और भूख हड़ताल की है। इस दौरान जोगेंद्र, जबर सिंह प्रधान, धर्मेंद्र आर्य, सत्यवती चौधरी, भावना, नारायण सिंह, विवेक, विष्णु, मब्बो समेत अन्य किसान मौजूद थे।