नगर निगम टीम ने बंगाली घाट से पकड़े बंदर।
अभियान शुरू, तीन दिन में पकड़े 500 से अधिक बंदर
मथुरा। नगर निगम की टीम ने बंदर पड़कने का अभियान शुरू कर दिया है। बीते तीन दिन में करीब 500 बंदर पकड़े जा चुके हैं। बृहस्पतिवार को टीम ने होली वाली गली और मदिया गेट से दो सौ से अधिक बंदरों को पकड़कर बाहर क्षेत्र में छोड़ा है। इससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन परेशानी बरकरार है।
बंदरों की वजह से लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। उत्पाती बंदर लोगों पर हमला कर देते हैं। पिछले कुछ वर्षों में बंदरों का उत्पात इतना बढ़ गया कि गलियों व छतों पर जाने से लोग कतराने लगे हैं। मठ-मंदिरों के आसपास तो बंदर सामान तक उठा ले जाते हैं। यदि कोई इन्हें भगाने का प्रयास करे तो उसे काटने दौड़ते हैं। इन्हें बाहरी क्षेत्रों में छोड़ने के लिए इस बार छाता के मैसर्स जाविद कांट्रेक्टर को जिम्मेदारी दी गई है। नगर निगम 335 रुपये प्रति बंदर के हिसाब से कार्यदायी संस्था को भुगतान करेगी।
बंदरों को पकड़ने के बाद धौलपुर स्थित चंबल के जंगल, कीठम झील क्षेत्र या यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास घने जंगलों में छोड़ रहे हैं, ताकि वापस न आ सकें। नगर आयुक्त जग प्रवेश ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया के पूरा होने के बाद कार्यदायी संस्था को अभियान चलाने के लिए निर्देश दिए हैं। बीते तीन दिन में करीब 500 से अधिक बंदरों को पड़कर बाहरी क्षेत्रों में छोड़ा गया है। इसी तरह शुक्रवार को भी कई स्थानों पर अभियान चलाकर बंदर पकड़े जाएंगे।