सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मांट पर दो दशक बाद मरीजों को आपरेशन की सुविधा मिल सकी। इसके लिए पहल खुद मुख्य चिकित्साधिकारी ने की है।
सोमवार को उन्होंने सीएचसी पहुंचकर एक डाक्टर के तौर पर मरीजों का न केवल हाल जाना बल्कि उनके आपरेशन भी किए। इससे पहले फरह सीएचसी पर भी उन्होंने डाक्टरों की टीम के साथ आपरेशन किए थे।
जिले में स्वास्थ्य विभाग के मुख्य अधिकारी का यह कदम अन्य चिकित्सकों के लिए उदाहरण है।
बता दें कि मांट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) का दर्जा प्राप्त है। इसके बावजूद वर्ष 1989 से यहां मरीजों को ऑपरेशन की सुविधा नहीं मिल सकी थी। इसकी वजह यहां अब तक चिकित्सकों की कमी बताई जाती रही।
सीएचसी प्रभारी डा. भूदेव के अनुसार बडे़ ऑपरेशन के लिए मरीजों को शहर जाना पड़ता था। यह मामला मुख्य चिकित्साधिकारी डा. विवेक मिश्रा के संज्ञान में आने के बाद सोमवार को वे अस्पताल पहुंचे और सारी व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त होने के बाद उन्होंने चिकित्सकों की टीम के साथ आपरेशन थियेटर में लगातार 10 आपरेशन किए। इसमें एक आपरेशन बच्चादानी और एक आपरेशन तीन टांके का था।
एक सप्ताह पहले सीएमओ ने फरह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी दो आपरेशन किए थे। इसमें एक बच्चेदानी का और दूसरा पुरुष की पेशाब की नली का था। फरह सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. रुपेंद्र चाहर ने बताया कि उनके यहां सर्जन मौजूद थे लेकिन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. मिश्रा ने चिकित्सकों का हौसला बढ़ाने के लिए खुद मरीजों के ऑपरेशन किए।
आमतौर पर सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की लापरवाही की बात कही जाती रही है। ऐसे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. विवेक मिश्रा यह कदम याद दिलाता है कि स्वास्थ्य विभाग में प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाल रहे चिकित्सकों का पहला दायित्व मरीजों का उपचार है।
जिले में है चिकित्सकों का टोटा
मथुरा में चिकित्सकों के कुल 128 पद के सापेक्ष मात्र 68 चिकित्सक ही तैनात हैं। ऐसे में कई स्वास्थ्य केंद्र पर विशेषज्ञ चिकित्सकों के अलावा सर्जन के पद खाली है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी इस पहल का असर अन्य अफसरों पर भी हुआ तो इसका सीधा लाभ मरीजों को मिलेगा।
प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ मरीजों को चिकित्सा सेवा देना भी हमारा प्रथम कर्तव्य है। एफआरयू बनने के बाद भी मांट में ऑपरेशन नहीं हुए थे। हमने इसकी शुरुआत की है। जल्द ही वहां मरीजों को नियमित आपरेशन का लाभ मिलेगा।
डा. विवेक मिश्रा
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मथुरा