मथुरा-वृंदावन और ग्रामीण इलाकों में खुले विद्युत पैनल, बिना सुरक्षा जाली वाले ट्रांसफार्मर और झूलती बिजली लाइनें लोगों के लिए खतरा बनी हुई हैं। मानसून शुरू होने के बावजूद कई स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम न होने से हादसों की आशंका बढ़ गई है।
मथुरा-वृंदावन के साथ-साथ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह खुले पड़े विद्युत पैनल, बिना सुरक्षा जाली के ट्रांसफार्मर, उनके आसपास भरा बारिश का पानी और घरों की ओर झुकी विद्युत लाइनें लोगों की जान पर भारी पड़ सकती हैं। मानसून शुरू होने के बाद भी विद्युत निगम के जिम्मेदारों ने इन खतरनाक स्थानों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए हैं।
शनिवार को मथुरा-वृंदावन के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत निगम के सुरक्षा इंतजामों पर पड़ताल की गई। शहर के कई मोहल्लों में सड़क किनारे लगे विद्युत पैनलों के दरवाजे टूटे हुए या खुले पड़े हैं। इनमें बिजली के तार और स्विच खुले दिखाई दे रहे। बारिश के दौरान इन पैनलों में पानी भरने और करंट फैलने की आशंका बनी रहती है। स्कूल जाने वाले बच्चों, राहगीरों और आवारा पशुओं के लिए यह स्थिति सबसे अधिक खतरनाक साबित हो सकती है। भूतेश्वर चौराहे के निकट विष्णूपुरी, प्रकाश नगर, दरेसी रोड, डीगगेट, श्रीजी बाबा आश्रम के निकट समेत अन्य स्थानों पर कोई भी पर्याप्त इंतजाम नहीं मिले। यही हाल ग्रामीण क्षेत्रों का है।
मांट कस्बा, बलदेव समेत अन्य क्षेत्रों में सैकड़ों मकानों के ऊपर से गुजरते बिजली के तार और घरों पर झुके जर्जर खंभे हर पल बड़े हादसे का डर पैदा कर रहे हैं। बरसात शुरू होते ही लोगों के घरों की दीवारों, लोहे के गेट और दरवाजों में करंट की झनझनाहट महसूस होने लगती है। ऐसे में परिवार जान हथेली पर रखकर रहने को मजबूर हैं। डीग गेट, महाविद्या कॉलोनी समेत अन्य स्थानों पर ट्रांसफार्मरों के चारों ओर बारिश का पानी जमा होने से करंट फैलने की भी आशंका बनी रहती है। सुरक्षा घेरा नहीं होने के कारण लोग और पशु अनजाने में इनके संपर्क में आ सकते हैं। इसके बावजूद विभाग के जिम्मेदार पर्याप्त इंतजाम नहीं कर रहे हैं।
करंट की चपेट से गोवंश की हो गई थी मृत्यु
भाजपा नेता हेमंत खंदौली ने बताया कि बुधवार को बारिश के दौरान हालन गंज में करंट की चपेट में आने से एक गोवंश की मौत हो गई थी। इसके बाद गोरक्षकों ने हंगामा किया था और स्थानीय लोगों ने भी आक्रोश व्यक्त किया था। इसके बाद विद्युत निगम ने अव्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया था।
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्य अभियंता राजीव गर्ग ने बताया कि बारिश के मौसम को देखते हुए खुले विद्युत पैनलों, ट्रांसफार्मरों और झुकी हुई विद्युत लाइनों का सर्वे कराया जा रहा है। जहां भी सुरक्षा संबंधी कमियां मिल रही हैं, वहां तत्काल मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। समय समय पर भी यह कार्य होता रहता है।