मुड़िया पूर्णिमा मेले में श्रद्धालुओं के सुविधाजनक आवागमन के लिए परिवहन निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मेले में करीब 1100 रोडवेज बसों का संचालन किया जाएगा। ये बसें तकनीकी मानकों पर खरा उतरने के बाद ही चलेंगी। इसके लिए आगरा, बरेली, अलीगढ़ और मेरठ परिक्षेत्र की कार्यशालाओं में बसों की फिटनेस की जांच की जा रही है।
मेला में संचालित होने वाली बसों के ब्रेक, टायर, स्टीयरिंग, लाइट, वाइपर, इंजन और अन्य सुरक्षा उपकरणों की गहन जांच की जा रही है। निगम की जिन बसों में तकनीकी खामी मिलेंगी उन्हें मरम्मत के बाद ही बेड़े में शामिल किया जाएगा। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक कमल किशोर आर्य ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में बिना फिटनेस वाली बसों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा।
मेले के लिए आगरा से 250, इटावा से 150, अलीगढ़ से 150, गाजियाबाद से 150, मेरठ से 100, बरेली से 100 और मुरादाबाद से 100 बसों का मंगवाया गया है। इसके साथ ही 100 बसों को आगरा में (रिजर्व) रखा जाएगा।
ऑपरेशन कवच
परिवहन विभाग ने 20 और 21 जुलाई को विशेष ऑपरेशन कवच चलाने का निर्णय लिया है। इस दौरान प्रवर्तन टीमें यमुना एक्सप्रेसवे, हाईवे और प्रमुख मार्गों पर बिना फिटनेस, बिना परमिट और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली बसों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
चालक-परिचालकों को पहननी होगी वर्दी
मेले में संचालित होने वाली बसों में तैनात सभी चालक और परिचालकों को निर्धारित वर्दी में ड्यूटी करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे उनकी पहचान सुनिश्चत हो सके।