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सख्ती बेअसर: दस बजे तक दफ्तर नहीं पहुंचे अफसर

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कलेक्ट्रेट में 9:44 पर खाली पड़ा नगर मजिस्ट्रेट का दफ्तर। - फोटो : MATHURA
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मथुरा। शासन के आदेश हैं कि अफसर सुबह साढ़े नौ बजे तक आफिस में पहुंच जाएं और 11 बजे तक लोगों की समस्याएं सुनें। अमर उजाला की टीम ने कलक्ट्रेट, राजीव भवन, तहसील सदर में अफसर सुबह दस बजे तक नहीं पहुंचे। फरियादी भी परेशान घूूमते हुए मिले। सोमवार को जिलाधिकारी ने जब सरकारी विभागों का औचक निरीक्षण किया तब डेढ़ सौ से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारी विभागों में नहीं मिले थे।
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अगले ही दिन मंगलवार को भी यही हालात थे। सुबह 9 बजकर 42 मिनट पर एडीएम वित्त के दफ्तर में कुर्सियां खाली थीं। सुबह 9 बजकर 44 मिनट पर सिटी मजिस्ट्रेट का दफ्तर भी खाली था। नौ बजकर 46 मिनट पर सदर तहसील में एसडीएम सदर का दफ्तर बंद था। 9 बजकर 47 मिनट पर तहसील परिसर पूरी तरह खाली था। दफ्तरों पर ताले लगे थे। 9 बजकर 48 मिनट पर तहसीलदार का दफ्तर खाली था। राजीव भवन में 9 बजकर 53 मिनट पर जिला विकास अधिकारी का दफ्तर खाली था। 9 बजकर 55 मिनट पर सीडीओ का दफ्तर खाली था।
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फरियादी बोले,
सुबह सवा नौ बजे नायब तहसीलदार से मिलने तहसील आए हैं। नौ बजकर 58 मिनट तक दफ्तर में ताला लगा है। तहसील में कोई कर्मचारी भी नहीं है।
- अजीत चौधरी, निवासी हकीमपुर पोस्ट थाना हाईवे
तहसील में साढ़े नौ बजे आ गए, लेकिन अधिकारियों के दफ्तर में ताले लगे हैं। काफी दूर से आना पड़ता है। समय खराब होता है अधिकारी मिलते नहीं हैं।
- मोहन, निवासी शाहपुर ऊंचा गांव
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