भारत में स्वच्छता मिशन अफसरों की इच्छा शक्ति के बल पर सफल हो सकता है। इसके लिए कार्ययोजना के साथ ही अधिकारियों की रुचि भी आवश्यक है।
भारत स्वच्छता मिशन के लिए विश्व बैंक की ओर से दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन स्थानीय होटल लैंड्स इन में किया जा रहा है।
इसमें पहले दिन देश के लगभग 140 अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यशाला में दार्शनिक शिव खेड़ा ने अधिकारियों में जोश भरा। अपने संबोधन में शिव खेड़ा ने अधिकारियों को कई उदाहरणों के साथ समझाया कि जीतने वाले कोई और काम नहीं करते बल्कि वो हर काम अलग ढंग से करते है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्वच्छता के लिए संकल्प जरूरी है।
ग्रामीण अंचल में स्वच्छता के अधिक मायने हैं। वहां चुनौतियां भी हैं। ऐसे मेें अधिकारी सरकारी कार्ययोजना के साथ ही व्यवहारिक तौर-तरीके अपनाएं, जिसे लोग आसानी से समझ सकें। ग्रामीणों को जागरूक करने की जरूरत है।
इस अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के अफसरों के अलावा संयुक्त सचिव अरविंद, उत्तर प्रदेश पर्यावरण के सहायक निदेशक विजय किरन आनंद, आरडी पालीवाल, बी चंद्रकला, नगेंद्र प्रताप, मथुरा के सीडीओ मनीष वर्मा आदि मौजूद थे।