मथुरा। कुपोषण दूर करने को लेकर सितंबर माह को पोषण माह के रूप में मनाया जाएगा। इसमें नवजात से लेकर पांच साल तक के बच्चों के वजन का मापन किया जाएगा और किशोरियों की रक्त अल्पता की जांच की जाएगी।
जांच के बाद किशोरियों को पोषण दिया जाएगा। जिले में कुल 2.25 लाख से अधिक बच्चे हैं और 60 हजार से अधिक गर्भवती महिलाएं हैं। इनमें 6254 बच्चे अति कुपाषित हैं और 16646 बच्चे कुपोषण के शिकार हैं। वहीं 31614 गर्भवती महिलाओं में रक्त की कमी है। बाल विकास विभाग एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा सितंबर माह में गर्भवती महिलाओं व नवजात से लेकर पांच साल तक के बच्चों की जांच कराई जाएगी।
इसे लेकर कलेंडर जारी किया गया है। इसमें एक सितंबर को आंगनबाड़ी केंद्रों पर पांच साल तक के बच्चों का वजन किया जाएगा। दो को ग्राम प्रधानों के साथ बेहतर पोषण बांटे जाने को लेकर बैठक की जाएंगी। तीन को गांवों में महिलाओं को हरी सब्जी घर पर उत्पादन करने के आसान तरीके बताए जाएंगे। नौ सितंबर से किशोरी सप्ताह मनाया जाएगा।
इसमें रक्त अल्पता मिलने पर किशोरियों को आयरन की गोली दी जाएंगी और किशोरियों को बेहतर पोषण देने को लेकर बताया जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी रेखा ने बताया कि पोषण माह को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। इसे लेकर बैठक भी की जाएंगी।