मथुरा। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई की स्थिति अब सीधे अभिभावकों तक पहुंचेगी। शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार पढ़ाई कराने पर जोर दिया जा रहा है। अर्द्धवार्षिक एवं वार्षिक परीक्षाओं के रिजल्ट अभिभावकों के साथ साझा किए जाएंगे। वहीं स्कूलों में अभिभावकों व शिक्षकों की मीटिंग भी हुआ करेंगी। इससे अभिभावकों को अपने बच्चों की पढ़ाई की स्थिति के बारे में जानकारी मिलेगी। वे अपने बच्चों की प्रगति को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।
सभी 10 ब्लॉकों में संचालित 1536 परिषदीय प्राथमिक, कंपोजिट और उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। बेसिक शिक्षा विभाग निपुण योजना के अलावा अन्य स्तर से पढ़ाई का स्तर उठाने में लगा हुआ है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से विद्यालय और अभिभावकों के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा। साथ ही, बच्चों की शैक्षिक प्रगति पर अभिभावक भी नजर रख सकेंगे। अभिभावकों को रिजल्ट के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई, अनुशासन और आगे की पढ़ाई के लिए सुधार बिंदुओं की जानकारी भी दी जाएगी।
विद्यालयों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि रिजल्ट वितरण कार्यक्रम को छोटे-छोटे समूहों में आयोजित किया जाए, ताकि अधिक भीड़ न हो और हर बच्चे के अभिभावक से व्यक्तिगत बातचीत संभव हो सके। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस कदम से न केवल बच्चों की पढ़ाई में सुधार होगा, बल्कि विद्यालयों पर भी अभिभावकों का भरोसा और सहभागिता बढ़ेगी। बीएसए रवींद्र सिंह ने कहा कि इस व्यवस्था से अभिभावकों का विद्यालयों पर विश्वास बढ़ेगा और वे अपने बच्चों की शिक्षा में अधिक रुचि लेंगे।