नोटबंदी के बाद बाजार का मूड तेजी से बदल रहा है। अब बड़े कारोबारी बिल से डीलिंग और चेक से भुगतान की शर्त रख रहे हैं। धीरे-धीरे बाजार का ये बदलाव आम लोगों के भी गले उतर रहा है। यहां तक कि पेट्रोल पंपों पर भी चेक से भुगतान स्वीकार किया जा रहा है।
बिना बिल के माल की खरीद और नकद भुगतान के आदी हो चुके बाजार का रुख अब तेजी से बदल रहा है। हजार और पांच सौ के नोटों की बाजार में किल्लत के बाद लोग अपने सामान को बेचने के लिए बिल से डीलिंग कर रहे हैं।
इतना ही नहीं भुगतान के लिए चेक की शर्त रखी जा रही है। बड़ी कंपनियों के आउटलेट, रीजनल गोदामों से भी केवल उन्हीं कारोबारियों की डीलिंग हो रही है जो बिल से माल खरीद कर चेक से भुगतान पर सहमत हैं। मॉल, बडे़ शोरूमों पर डेबिट कार्ड, पेटीएम से भुगतान लिया जा रहा है। वहीं पेट्रोल पंप पर चेक से भुगतान का विकल्प दिया जा रहा है।
कंप्यूटर कारोबारी राम गुप्ता ने बताया कि बाजार में अब बिल से डीलिंग और चेक से भुगतान का प्रचलन तेजी के साथ बढ़ रहा है। बाजार इस पैटर्न में नकदी संकट का समाधान देख रहा है।
पेट्रोल पंप पर लगे पेंफलेट
अब पेट्रोल पंप पर चेक से भुगतान लिए जाने के भी पेंफलेट नजर आने लगे हैं। मथुरा जंक्शन रोड स्थित पेट्रोल पंप पर इस की सूचना पेंफलेट के माध्यम से ग्राहकों को सूचित किया जा रहा है।
चेक से भुगतान का बन रहा माहौल
-कंप्यूटर कारोबार में 50 लाख का टर्नओवर है, इसमें चेक से भुगतान हो रहा है
-अनाज मंडी में होने लगे हैं चेक से भुगतान, दो करोड़ का टर्नओवर
-सब्जी मंडी में आरटीजीएस, चेक से आने लगा प्याज, मिर्च, प्रतिदिन एक करोड़ का टर्नओवर
-इलेक्ट्रॉनिक शोरूम, मोटर व्हीकल के भुगतान भी चेक से होने लगे