बांके बिहारी मंदिर में सेवायतों की ओर से आए दिन परंपराओं को तोड़कर श्रद्धालुओं को ठाकुरजी के दर्शन कराने के मामले को मंदिर प्रबंध समिति ने गंभीरता से लिया है। सोमवार को समिति ने ऐसे दो और सेवायतों के परिवारों को नोटिस जारी कर जुर्माना लगाया है। जुर्माना जमा न करने पर मंदिर प्रबंध समिति ने उनकी सेवाएं समाप्त करने की चेतावनी दी है।
बांके बिहारी मंदिर प्रबंध समिति ने मंदिर की परंपराओं को ताक पर रखने वाले सेवायतों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। समिति के अध्यक्ष नंदकिशोर उपमन्यु की ओर से शयन भोग सेवाधिकारी मोहन बिहारी गोस्वामी को नोटिस जारी किया गया है कि उन्होंने अपनी सेवा के दौरान 1 जनवरी को 9 और तीन जनवरी को 3 दर्शनार्थियों को जगमोहन में लगे कटहरे से दर्शन कराए। उनसे स्पष्टिकरण मांगा गया है। वहीं 20 हजार रुपये प्रति व्यक्ति की दर से 2 लाख 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
वहीं राजभोग के सेवाधिकारी विशाल गोस्वामी और गौरव गोस्वामी को भेजे नोटिस में 6,7,11 और 16 जनवरी के बीच सेवा के दौरान 6 दर्शनार्थियों को जगमोहन के कटहरे से दर्शन करने का कारण पूछा है। साथ ही 1 लाख 20 हजार का दंड लगाया गया है।
मंदिर प्रबंधन ने नोटिस में सात दिन के अंदर दंड की राशि जमा न करने पर मंदिर से मिलने वाली सेवाएं समाप्त करने की चेतावनी दी है। बांके बिहारी मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष नंद किशोर उपमन्यु ने बताया कि मंदिर की परंपराओं को बचाए रखने के लिए सेवायतों को नोटिस जारी किए गए हैं।
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एक साल पहले किया था जुर्माने का प्रस्ताव
वृंदावन। बांके बिहारी मंदिर प्रबंध समिति के 30 नवंबर, 2013 को जगमोहन से दर्शन पर जुर्माने का प्रस्ताव किया था। प्रस्ताव के अनुसार किसी भी गोस्वामी की ओर से दर्शन खुलने के दौरान जगमोहन में लगे कटहरे के अंदर से दर्शनार्थियों के प्रवेश कराने पर 20 हजार रुपये प्रति व्यक्ति की दर से दंड लगाने का प्रावधान है।