अब मथुरा के बिजलीघर ओवरलोड नहीं होंगे। बार-बार की ट्रिपिंग से भी निजात मिल जाएगी। बाजना में 400 केवी और छाता में 220 केवी के बिजलीघर बनकर तैयार हैं। ओवरलोड से राहत इनके काम शुरू करने से मिलेगी। इसी महीने या अप्रैल के पहले सप्ताह से ये बिजलीघर काम करना शुरू कर देंगे।
चार साल पहले बाजना के गांव मड़ुआका में 50 एकड़ जमीन में 200 करोड़ की लागत से 400 केवी के बिजलीघर पर काम शुरू हुआ था। अब ये बिजलीघर तैयार हो गया है। अफसरों का कहना है कि इसी महीने से काम करने लगेगा। इस बिजलीघर की क्षमता इतनी होगी कि ये मथुरा के साथ हाथरस और जरूरत पड़ने पर अलीगढ़ को भी राहत दे सकेगा। 400 केवी के बिजलीघर के चालू होने से आगरा के पीलीपोखर बिजलीघर पर भी लोड कम हो जाएगा।
वहीं छाता गोवर्धन रोड पर गांव अलवाई सांखी में 220 केवी का बिजलीघर बन रहा है। इस बिजलीघर पर मार्च के आखिरी सप्ताह तक काम पूरा हो जाएगा। ये अप्रैल के पहले हफ्ते से काम करना शुरू कर देगा। 220 केवी बिजलीघर के चालू हो जाने पर शेरगढ़, कोसीकलां, गोवर्धन और आसपास के बिजलीघरों पर ओवरलोडिंग खत्म हो जाएगी और भरपूर बिजली मिलेगी।
शीघ्र ही बाजना के मडुआका का 400 केवी और छाता के अलवाई सांखी में 220 केवी का बिजलीघर चालू हो जाएंगे। इसके बाद आगरा के पीलीपोखर से बिजली नहीं लेनी पड़ेगी, मथुरा से सभी बिजलीघरों पर ओवरलोडिंग खत्म हो जाएगी। मार्च के अंत तक दोनों बिजलीघर चालू हो जाएंगे।
-एपी वशिष्ट, एक्सईएन ट्रांसमिशन, मथुरा