वृंदावन (मथुरा)। एनजीटी की ओवर साइट कमेटी के चेयरमैन व न्यायमूर्ति एसवीएस राठौर ने मंगलवार को मथुरा व वृंदावन का निरीक्षण कर नालों, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के साथ-साथ कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था को परखा। महंत मधुमंगल शरणदास शुक्ल की याचिका पर न्यायमूर्ति राठौर ने नगर निगम, जल निगम एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए।
वह मंगलवार को नोएडा से यहां पहुंचे। उनको यमुना में गिरने वाले 17 प्रमुख नालों, मांट रोड व नगला कोल्हू स्थित डंपिंग साइट के अलावा मधुमंगल शुक्ला द्वारा दायर जनहित याचिका के मामले में यहां निरीक्षण किया। नगर आयुक्त अनुनय झा, अपर नगर आयुक्त सत्येंद्र तिवारी, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अरविंद शर्मा व जल निगम के अधिकारियों के साथ वे निरीक्षण के लिए सबसे पहले वृंदावन के गौरा नगर, राजपुर, चैतन्य विहार पहुंचे।
उन्होंने नालों के पानी को ट्रीट किए जाने के इंतजाम देखे। इसके बाद वे डंपिंग साइट का निरीक्षण करने के दौरान कूड़ा निस्तारण की प्रक्रिया देखी। इसके साथ है 5 टन की क्षमता वाले वेस्ट कंपोस्ट प्लांट का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नगर निगम के अधिकारियों ने उनको कूड़ा निस्तारण के साथ-साथ यमुना में नालों को गिरने से रोकने के प्रयासों व कार्यों की जानकारी दी।