वृंदावन। श्रीबांकेबिहारी मंदिर के चौक में कार्यदायी संस्था ने रेलिंग लगा दी है। रातभर रेलिंग लगाने के बाद पहली बार शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन किए। मंदिर के बीच में लगी रेलिंग के कारण गेट नंबर एक और नंबर चार की ओर चौक का बड़ा हिस्सा खाली रहा। पीछे चौक में भी सात दिनों में रेलिंग लगकर तैयार हो जाएगी।
श्रीबांकेबिहारी मंदिर हाईपावर्ड प्रबंध कमेटी ने मंदिर में श्रद्धालुओं को सुरक्षित और भीड़ को नियंत्रित करते हुए सहज ठाकुरजी के दर्शन के लिए मेरठ की कार्यदायी संस्था कनिका कंस्ट्रक्शन ने कार्य किया। इसने मंदिर के चौक में रेलिंग लगाने का कार्य पूरा कर लिया है। चौक से लेकर निकास द्वार तक कार्यदायी संस्था की टीम ने शुक्रवार रात साढ़े नौ बजे से सुबह के साढ़े आठ बजे तक रेलिंग लगाने का कार्य पूरा किया। चौक में 64 फोल्डिंग रेलिंग लगाई। जो कि जरूरत पड़ने पर समय-समय पर हटाया और लगाया जा सकता है। एक रेलिंग से दूसरी रेलिंग में जाने के लिए भी कारीगरों ने 17 स्लाइडिंग गेट बनाए हैं।
एक माह में कार्यदायी संस्था द्वारा किया गया। इस कार्य के बाद सात दिनों में पीछे के चौक में मंदिर के प्रवेश द्वार से चौक की रेलिंग को जोड़ने का कार्य किया जाएगा। इसके लिए मेरठ में 50 प्रतिशत रेलिंग तैयार हो गई हैं। मंदिर के वीआईपी गेट पांच से प्रवेश करने पर श्रद्धालु एक बड़ी और एक छोटी रेलिंग में होकर निकास द्वारा चार तक पहुंचे। दिव्यांगजनों की व्हील चेयर आ जा सके इसके लिए रेलिंग के बीच चौड़ाई रखी गई, जबकि सामान्य तौर पर रेलिंग की चौड़ाई से होकर सिर्फ एक ही व्यक्ति चलकर दर्शन कर सकता है। शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर के चौक में लगी रेलिंग के बीच से निकले। श्रद्धालुओं ने बताया कि गेट पांच से चौड़ी रेलिंग में और ठाकुरजी के दर्शन मुश्किल से हो पा रहे हैं, जबकि अन्य रेलिंग से होकर गुजरे श्रद्धालु संतुष्ट नजर आए।
श्रीबांकेबिहारी मंदिर हाईपावर्ड प्रबंध कमेटी के सदस्य एवं मंदिर सेवायत दिनेश गोस्वामी ने बताया कि मंदिर के चौक में रेलिंग लगाने का कार्य पूरा हो गया है। श्रद्धालुओं को रेलिंग से होकर ठाकुरजी के सुगम दर्शन हुए। रेलिंग लगने से मंदिर में होने वाला भीड़ का दबाव अब कम हो सकेगा।