मथुरा। यमुना के केसीघाट पर बीते 10 अप्रैल को हुए दर्दनाक हादसे के बाद अब सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने की कवायद तेज हो गई है। पंजाब के श्रद्धालुओं से भरी मोटरबोट के पांटून पुल के पीपे से टकराने के कारण हुए इस हादसे में 16 श्रद्धालुओं की जान चली गई थी। इस हादसे की जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कल दिल्ली से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की पोस्ट इंसीडेंट ऑडिट टीम घटनास्थल का निरीक्षण करने मथुरा आ रही है।
कमांडेंट एनडीआरएफ के निर्देशन में आ रही इस उच्च स्तरीय टीम में केसीघाट हादसे के समय रेस्क्यू ऑपरेशन का मोर्चा संभालने वाले जांबाज अधिकारी और सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर मुख्य रूप से शामिल रहेंगे। एडीएम एफआर डॉ. पंकज कुमार वर्मा ने बताया कि ऑडिट टीम मौके पर पहुंचकर जमीनी हकीकत का जायजा लेगी।
इस दौरान टीम स्थानीय नाविकों, नाविकों की सुरक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे गैर-सरकारी संगठनों, सिंचाई विभाग के अभियंताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक व वार्ता करेगी। इस कवायद का मुख्य उद्देश्य सभी पक्षों से फीडबैक और सुझाव लेकर केसीघाट पर सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह अभेद्य बनाना है। ताकि केसी घाट जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। इस मामले में टीम लोगों से सुझाव भी लेगी।