बंदर के हमले में घायल बुजुर्ग।
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वृंदावन में बंदरों का उत्पात अब लोगों के लिए घातक होता जा रहा है। प्रख्यात कथावाचक मृदुल कृष्ण शास्त्री की अमेरिका निवासी बुआ पर बुधवार को बंदर ने हमला कर दिया। इससे वह घायल हो गईं। कथावाचक घायल बुआ को उपचार के बाद रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोतवाली ले गए, यहां पुलिस ने उनकी रिपोर्ट तो दर्ज नहीं की, लेकिन मामला विदेशी महिला का होने के कारण तहरीर रिसीव कर ली।
कथावाचक मृदुल कृष्ण शास्त्री ने बताया कि उनकी बुआ पुष्पा देवी (85) पिछले 55 वर्ष से अमेरिका के कैलिफोर्निया में रह रहीं हैं। कुछ दिन पहले वह वृंदावन स्थित अपने मायके आईं। बुधवार को घर के पास बने श्रीराधाकांत मंदिर से निकलीं, तभी एक बंदर चश्मा लेने के लिए उनके कंधे पर चढ़ गया।
इससे वह घबरा गईं। बंदर ने धक्का दिया तो वह जमीन पर गिर गईं। आसपास के लोगों ने उन्हें बचाया। बंदर के हमले के कारण उनके सिर, नाक, हाथ और माथे पर चोट आई। तत्काल उन्हें अस्पताल ले गए। बृहस्पतिवार को वह अपनी घायल बुआ को लेकर कोतवाली पहुंचे। यहां उन्होंने नगर निगम, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराते हुए तहरीर दी।
कथावाचक ने बताया कि पहले तो पुलिस तहरीर लेने के लिए तैयार नहीं थी। उच्च अधिकारियों के दबाव में पुलिस ने तहरीर लेकर उन्हें रिसीव कॉपी दे दी, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि वृंदावन में बंदरों के उत्पात के लिए जिला प्रशासन, नगर निगम और जनप्रतिनिधि जिम्मेदार हैं।
कथावाचक ने बताया कि यह लोग अपनी जिम्मेदारी का ठीक तरह से निर्वहन नहीं कर रहे हैं। इसलिए बंदरों का उत्पात बढ़ता जा रहा है। आए दिन बंदरों के उत्पात के कारण कोई न कोई श्रद्धालु और स्थानीय निवासी घायल होता है। पीड़िता ने बताया कि यदि उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई तो वह इसकी शिकायत विदेश मंत्रालय में करेंगी।