मथुरा। नारायणी सेना एक जुलाई को अदालत में ईदगाह परिसर में विपक्षीगणों द्वारा साक्ष्य खुर्द-बुर्द करने की आशंका संबंधी प्रार्थना पत्र देगी। इसमें अदालत से मांग करेगी कि उन्होंने अदालत को एक जून के अवकाश के पूर्व एक प्रार्थना पत्र दिया था। कहा था कि अवकाश के दौरान विपक्षीगण ईदगाह में मौजूद मंदिर के साक्ष्य मिटाने का प्रयास कर सकते हैं।
नारायणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष यादव ने बताया कि उन्हेें आशंका है कि एक माह में सिविल कोर्ट के बंद होने के दौरान विपक्षीगणों ने ईदगाह परिसर के उन साक्ष्यों को मिटाने का प्रयास किया है, जिनसे स्पष्ट होता है मंदिर तोड़कर ईदगाह का निर्माण किया गया है।
वह अदालत से मांग करेंगे कि विपक्ष ने एक माह के अवकाश में साक्ष्यों को मिटाने का प्रयास किेया है। मनीष ने बताया कि उन्होेंने इसके अलावा अदालत में ईदगाह परिसर के कोर्ट कमिश्नर सर्वे की मांग की है। इस प्रार्थना पत्र की सुनवाई के लिए भी अदालत ने एक जलाई की तारीख दी है।
चार माह में केस निस्तारण की उम्मीद
नारायणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने हाईकोर्ट में केस के त्वरित निस्तारण के लिए वाद डाला था, जिसमेें हाईकोर्ट ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान संबंधी केस को चार माह के अंदर निस्तारित करने के आदेश किए थे। उन्हें उम्मीद है कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुरूप चार माह के अंदर केस का निस्तारण कर दिया जाएगा।