मथुरा। हाईकोर्ट ने परिषदीय विद्यालयों के स्थानांतरण संबंधी 7 जुलाई 2006 के शासनादेश को अवैध ठहराते हुए रद्द कर दिया है। इससे 80 (प्राथमिक विद्यालय, उच्च प्राथमिक परिषदीय विद्यालयों) में कार्यरत 400 शिक्षकों के होने वाले स्थानांतरण से बड़ी राहत मिल गई है।
मामले में बीएसए मथुरा ने विस्तारित नगर-निगम सीमा में कार्यरत शिक्षक शिक्षणेतर कर्मचारियों से समायोजन के लिए विकल्प मांगे थे, लेकिन एक शिक्षक विशेष के दबाव में 22 अक्तूबर 2019 को जनपद के शिक्षकों से आवेदन मांगे गए। इसका शिक्षकों द्वारा भारी विरोध किया गया। लेकिन बीएसए द्वारा गलत प्रक्रिया को अपनाया जाने लगा।
पीड़ित शिक्षकों द्वारा लिखित में दी गई, आपत्तियों को भी नजर अंदाज किया गया। मजबूर होकर मिशन परिवर्तन टीम ने कुलदीप सारस्वत, वृज विहारी अग्रवाल, विजय वशिष्ठ, रवींद्र मीणा, मनीष कुमार आदि ने इस मामले को कोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया।
पूरे केस सुनवाई करते हुऐ प्रयागराज उच्च न्यायालय द्वारा याचिकाकर्ताओं के पक्ष में निर्णय सुनाया तथा 7 जुलाई 2006 के शासनादेश एवं बीएसए मथुरा की 22 अक्तूबर 2019 की विज्ञप्ति को रद्द कर पीडितों का बड़ी राहत दी है। न्यायालय के इस फैसले पर नेहा शर्मा, नीतू, मुक्ता कुंतल, ममता शर्मा, बच्चू सिंह, नंदा कुमारी, अल्का कटियार, जानकी प्रसाद, अंजना शर्मा एवं डोली वर्मा आदि ने हर्ष जताया है।