राजस्थान के दौसा में जिंदा मिली महिला
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पत्नी की हत्या के आरोप में पति डेढ़ साल और उसका दोस्त नौ महीने जेल में रहा, लेकिन पत्नी दौसा (राजस्थान) के विशाला गांव में जिंदा मिली। मथुरा जिले की स्वाट टीम ने महिला को पकड़ लिया। अब उसके पिता को खोजा जा रहा है। क्योंकि महिला के पिता ने ही उसकी हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
सूरज प्रसाद की बेटी आरती पांच सितंबर 2015 को लापता हो गई थी। इस मामले में आरती के पिता ने उसके पति सोनू सैनी, भगवान सिंह और अरविंद पाठक के खिलाफ वृंदावन कोतवाली में हत्या का केस दर्ज कराया था। पुलिस ने सोनू और उसके दोस्त गोपाल को जेल भी भेज दिया। जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद पति सोनू अपने दोस्त गोपाल के साथ आरती को ढूंढने का प्रयास करता रहा।
एक दिन उसे सफलता मिल ही गई। उसने मेहंदीपुर बालाजी के विशाला गांव में उसे तलाश ही लिया। आरती वहां पिछले सात साल से अपने दूसरे पति के साथ रह रही थी। महिला के जिंदा होने की खबर पाकर स्वाट टीम प्रभारी अजय कौशल और वृंदावन कोतवाल विजय कुमार सिंह विशाला गांव पहुंच गए। पूछताछ के बाद पुष्टि होने पर महिला को हिरासत में ले लिया। पुलिस महिला को वृंदावन ले आई।
कर्मचारी बनकर लिए आरती के दस्तावेज
सोनू ने बताया कि बालाजी में एक दुकान पर काम करने वाले विशाला गांव के युवक से उसके दोस्त गोपाल की मुलाकात हुई। बातों-बातों में युवक ने गोपाल से बताया कि हमारे गांव में रेबारी समाज के एक घर में यूपी के जालौन की युवती कुछ साल पहले शादी करके आई थी और तब से वहीं रह रही है। यह सब बातें गोपाल ने जब सोनू को बताईं तो दोनों ने मिलकर इस महिला का पता लगाने का प्लान बनाया।
दोनों ने एक युवक को स्वच्छ भारत मिशन का कर्मचारी बताकर बिसाला गांव के उस घर में भेजा जहां आरती रह रही थी। यहां इस युवक ने सरकारी योजना के तहत शौचालय बनाने और पैसा देने की बात कही तो घर के लोग लालच में आ गए। उन्होंने इस योजना के लिए घर की महिला मुखिया के दस्तावेज मांगे तो महिला ने अपने सारे कागजात उसे दे दिए। जब सोनू और गोपाल ने इन कागजातों को देखा तो पूरा मामला खुल गया। मामले का खुलासा करने के लिए दोनों ने बालाजी थाना इंचार्ज अजीत से मदद मांगी तो उन्होंने इसके लिए मथुरा पुलिस से संपर्क किया।
मुझे पसंद नहीं था सोनू : आरती
स्वाट टीम दौसा से आरती को वृंदावन ले आई और यहां उससे जब पूछताछ की। उसने बताया कि उसे सोनू पसंद नहीं था, इसीलिए उसने दूसरी शादी कर ली। जब उससे पूछा गया कि इस मामले में उसके पिता ने हत्या की रिपोर्ट किस आधार पर दर्ज कराई। इस पर उसका जवाब था कि यह पिता ही जानें ? अब पुलिस पिता की खोज में उरई रवाना हो गई है। स्वाट टीम प्रभारी अजय कौशल ने बताया कि आरती के पिता की तलाश की जा रही है। इसके बाद मामले की वास्तविकता सामने आ पाएगी।
मगोर्रा में मिली लाश आखिर किसकी थी
आरती तो जिंदा मिल गई। पर, जिस शव को आरती का बताया गया वह शव आखिर किसका था। अब यह सवाल भी उठ रहे हैं। वहीं पुलिस ने भी कैसे इस मामले में बिना जांच किए पिता के कहने पर ही शव आरती का मान लिया। एसएसपी शैलेष कुमार पांडेय ने बताया कि आरती जीवत मिली है। वो मरी नहीं थी। हत्या के मामले में दो आरोपी जमानत पर है। पूरी जांच के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।