आरोपियों से बरामद हुए जाली नोट
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देशभर में फैला है गिरोह का नेटवर्क
जीआरपी एसपी मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि आरोपी कलीमुल्ला टैक्सी चालक है। उसका साथी सनाउल है, जो पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। उसके कहने पर ही वह इस धंधे में आया। पूछताछ में पता चला है कि सनाउल और उसके साथी देशभर में जाली नोटों का धंधा करते हैं। सनाउल के कहने पर वह पश्चिम बंगाल गया था। जहां उसकी मुलाकात गिरोह के अन्य सदस्यों से हुई। उन लोगों ने उसे जाली नोट दिए, जो आसानी से चल गए। इसके बाद कलीमुल्ला भी गिरोह में शामिल हो गया।
उसने अपने भांजे मोहम्मद तकीम को भी शामिल कर लिया। तकीम सिविल इंजीनियर है। आरोपी ने बताया कि मालदा काफी दूर होने के कारण बाद में उसने वहां जाने से मना कर दिया। इस पर सनाउल ने एक कंपनी का नाम और नंबर देकर बताया कि तुम लोग ऑनलाइन नकली नोट छापने के लिए सिक्योरिटी पेपर मंगाकर वाराणसी में गिरोह के सदस्य रौनक उर्फ मुकेश को देकर जाली नोट ले लेना। उसके बताए अनुसार कलीमुल्ला ई-कॉमर्स साइट अलीबाबा के माध्यम से कंपनी से ऑनलाइन सिक्योरिटी पेपर प्राप्त कर रौनक से जाली नोट लेकर आता था।
कोच अटेंडर करता था मदद
ट्रेन में सफर के दौरान उसकी मुलाकात कोच अटेंडर धर्मेंद्र से हुई। वह भी इस काम में शामिल हो गया। धर्मेंद्र सिक्योरिटी पेपर व जाली नोटों को एसी कोच के कम्पार्टमेंट में रखकर लाने ले जाने में मदद करता है। इससे कोई शक नहीं करता था। शुक्रवार को तीनों आरोपी रौनक से जाली नोट लेकर आ रहे थे। मुखबिर की सूचना पर जीआरपी ने मथुरा जंक्शन से आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला है कि जाली नोट में बनाने में आरोपी जिस सिक्योरिटी पेपर का इस्तेमाल करते हैं, उसमें हरे रंग की सिक्योरिटी ग्रिड लगी है, जिसमें भारत व आरबीआई लिखा है। वाटर मार्क में गांधी जी की तस्वीर है।