मथुरा। अनुसूचित जाति की आठ साल की बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या का खुलासा करने वाली पुलिस की कहानी परिजनों के गले नहीं उतर रही है। रविवार को बसपाइयों के संग परिजनों ने एसपी सिटी कार्यालय का घेराव कर हंगामा किया। खुलासे की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। एसपी सिटी के समझाने पर परिजन मान गए।
तीन दिन पूर्व सुनरख में मल्टीलेविल पार्किंग के पास झाड़ियों में आठ साल की बालिका का शव मिला था। बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। बालिका रिश्तेदार महिला के संग लकड़ी बीनने गई थी। उसके बाद से लापता हो गई थी। हालांकि वृंदावन पुलिस ने खुलासा करते हुए महेश पुत्र किशनी निवासी तरौली समौली को गिरफ्तार किया था। इस खुलासे से परिजन शुरू से संतुष्ट नहीं थे। रविवार को बसपाइयों के संग परिजन एसपी सिटी कार्यालय पहुंचे। यहां कार्यालय का घेराव कर जमकर हंगामा काटते हुए खुलासे की उच्चस्तरीय जांच के संग सही आरोपी को पकड़ने की मांग की। एसपी सिटी उदयशंकर सिंह ने सभी को शांत करते हुए बताया कि खुलासा बिल्कुल सही हुआ है। पुलिस ने जब आरोपी पकड़ा तो परिजनों को भी बुलवाया गया था।
सीओ सदर और कोतवाल का बालिका के गांव में डेरा
सीओ सदर रमेश तिवारी और वृंदावन कोतवाल अनुज कुमार बालिका के गांव में डेरा डाले रहे। मकसद था कि परिजनों को कोई भड़का रहा है। यहां पर परिजनों को समझाते हुए खुलासे को सही ठहराया। मामला गर्म होते देख एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने मथुरा कोतवाल संजीव कुमार दुबे और थाना जमुनापार प्रभारी निरीक्षक को वृंदावन कोतवाली भेजा। यहां पर दोनों इंस्पेक्टरों ने कमान संभाल रखी थी।
यह रहे घेराव में मौजूद
पूर्व विधायक राजकुमार रावत, बसपा के गोरेलाल जाटव, हेमेंद्र कुमार, धारा सिंह आजाद, प्रेम सिंह कर्दम, जितेंद्र प्रजापति, गोवर्धन सिंह, जयवीर सिंह, योगेश द्विवेदी, वीरेंद्र परिहार, जगदीश पहलवान, प्रदीप चाहर, विवेक कुमार, मनोज कुमार, जितेंद्र कर्दम, मुख्तार गौतम, कलुआ ठाकुर, बाबूलाल गौतम, पवन बघेल मौजूद थे।