पुलिस ने आश्रम से बचाए गए कई युवक-युवतियों के विस्तृत बयान दर्ज किए हैं। पूछताछ में सामने आया है कि बाबा धर्म और भक्ति के डर का इस्तेमाल कर युवाओं को ब्लैकमेल करता था। वह उन्हें अपनी इच्छानुसार जीवन जीने और यहां तक कि आपस में गंधर्व विवाह (लव मैरिज) करने के लिए भी विवश करता था। यदि कोई इसका विरोध करता, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जाती थी।
जांच में यह भी पता चला है कि बाबा खुद को भगवान श्रीकृष्ण का अवतार बताता था। उसका दावा था कि उसे सपनों में भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन होते हैं और वे उसे मार्गदर्शन देते हैं। इसी का फायदा उठाकर वह युवाओं के मन में भय और अंधविश्वास पैदा करता था।
हाल ही में, पुलिस ने एक ऐसे ही मामले का खुलासा किया है जहां बाबा ने एक 22 वर्षीय युवक का 45 वर्षीय महिला से गंधर्व विवाह कराया था। यह घटना बाबा के आश्रम में चल रहे अनैतिक कृत्यों की ओर इशारा करती है। पुलिस का मानना है कि आगे की जांच में इस प्रकरण से जुड़े और भी कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।