चैत्र माह की पूर्णिमा (शनिवार) को खग्रास चंद्रग्रहण नजर आएगा। ये ग्रहण हस्त नक्षत्र कन्या राशि पर होगा। ग्रहण के दौरान राजाधिराज मंदिर में समय परिवर्तन के साथ ही ग्रहण के दौरान भी दर्शन होंगे।
ग्रहण के सूतक सुबह 9 बजकर 38 मिनट से प्रारंभ हो जाएंगे। ये ग्रस्तोदय ग्रहण है यानि चंद्रमा के उदय के समय से ही ग्रहण ग्रस्त नजर आएगा। ग्रहण को शाम चंद्रोदय 6 बजकर 38 मिनट के बाद देखा जा सकेगा। ग्रहण सात बजकर 16 मिनट पर समाप्त होगा।
द्वारिकाधीश मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि शनिवार को सुबह के दर्शनों का समय मंगला, शृंगार, ग्वाल पूर्व समयानुसार और राजभोग के दर्शन दस बजे से साढ़े दस बजे तक होंगे। शाम के दर्शन उत्थापन शाम साढ़े पांच बजे से पांच बजकर 45 मिनट तक, भोग संध्या आरती शाम छह बजकर 20 मिनट से 6 बजकर 35 मिनट तक और इसके बाद ग्रहण के दर्शन होंगे।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के संयुक्त मुख्य अधिशाषी राजीव श्रीवास्तव के अनुसार शनिवार को सुबह मंदिरों के पट पांच बजे से साढ़े आठ बजे तक खुलेंगे। शाम साढ़े आठ बजे से रात साढ़े नौ बजे तक खुलेंगे। श्रीब्रज समाज हरि संकीर्तन संघ के तत्वावधान में खग्रास चंद्र ग्रहण के दौरान संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा।