सावन मास के दूसरे सोमवार को मास शिवरात्रि के साथ ही अमृत योग का विशेष संयोग बन रहा है। इससे भक्तों में उत्साह है। इसके लिए मंदिरों में तैयारी पूरी हो गई है। रविवार को कांवड़ियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया।
ज्योतिषाचार्य पंडित राममोहन शर्मा के अनुसार इस दिन शिव का रूप रखकर गंगा से जल लाकर चढ़ाने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस दिन लोग जितना पूजा पाठ करेंगे उतना ही अधिक फल मिलेगा। हाईवे पर रविवार सुबह से ही कांवड़ियों के जत्थों का गुजरना शुरू हो गया।
सड़क किनारे भंडारों का आयोजन किया जा रहा है। हाइवे पर एनएस पैलेस पर लगाए गए शिविर में रामलीला संस्थान के पूर्व अध्यक्ष चौधरी मदनलाल, बलराम चौधरी, जमुना चौधरी आदि ने कांवड़ियों का जोरदार स्वागत किया। पुलिस प्रशासन ने भी कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। शिविर में राजस्थान के कामां, एमपी के ग्वालियर, मथुरा, कोसी, छाता और आसपास के इलाकों के भक्त ठहरे हुए हैं।
शिव मंदिरों में चली तैयारी
श्रावण मास के दूसरे सोमवार को शिव मंदिरों में धूम रहेगी। रविवार को मंदिरों को सजाना-संवारा गया। शाम के समय कई मंदिरों में फूलबंगला सजाए जाएंगे।