बालिका से दुष्कर्म और हत्या के आरोपी की मौत बाद जातीय संघर्ष की आग में झुलसे परखम से वीरानी लौटन लगी है। दहशत के कारण गांव छोड़ गए वाल्मीकि परिवार धीरे-धीरे लौट रहे हैं। शनिवार को तीन परिवारों के पांच लोगों ने गांव में कदम रखा। रविवार को एक और परिवार वापस आ गया।
गांव छोड़ कर छाता क्षेत्र में रहे मोहन सिंह रिश्तेदार श्याम और पत्नी के साथ परखम लौट आए हैं। मोहन सिंह ने गांव में आने के बाद कहा कि उन्हें अमर उजाला के जरिए तीन परिवारों के गांव लौटने की सूचना मिली थी। इसके बाद उन्होंने भी गांव आने का मन बना लिया। मोहन का कहना था कि उन्होंने सभी जातियों का सम्मान किया है। यह गांव सबका है। जिसने गलती की है, उसे दंड अवश्य मिलना चाहिए।
उनकी पत्नी इंद्रा ने कहा कि वे गांव के लोगों के साथ हैं। शनिवार को गांव में लौटी सोन देई ने बताया कि उन्होंने गांव आकर खाना बनाया और घर की सफाई की। उनको गांव में किसी से शिकायत नहीं है। वे शांति से रहना चाहती हैं। मामले में चौकी प्रभारी इंद्रराज शर्मा ने कहा के गांव में शांति कायम होने लगी है। पलायन कर गए वाल्मीकि परिवार गांव लौट रहे हैं। ऐसे में अफवाहों को लेकर खासी सतर्कता बरती जा रही है।