चौमुहां। थाना जैंत क्षेत्र में एक बार फिर जमीन के नाम पर धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। एक व्यक्ति से सत्व्या एस्टेट नामक कंपनी के माध्यम से करीब 55 लाख रुपये में प्लॉट सौदा किया गया और जब कब्जा देने का समय आया तो लाखों रुपये का चूना लगा दिया। एसएसपी के आदेश पर थाना जैंत में धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में दंपती सहित तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है।
जैंत निवासी पीड़ित चंद्रशेखर सिंह पुत्र दान सिंह ने बताया कि जैंत-सुनरख मार्ग पर खसरा संख्या 334 पर सत्व्या एस्टेट नाम से रियल एस्टेट बिजनेस का ऑफिस खुला था। सोशल मीडिया पर लुभावने विज्ञापन देखकर उन्होंने दिसंबर 2024 में वहां संपर्क किया। आरोप है कि वहां मौजूद योगेंद्र सिंह राजावत, उनकी पत्नी नेहा वेश और भाई विकास राजावत ने खुद को उस जमीन का मालिक बताते हुए 100 वर्ग गज का प्लॉट 55 हजार रुपये प्रति वर्ग गज की दर से तय किया। पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने झांसे में लेकर एडवांस के तौर पर बैंक ऑफ बड़ौदा के अलग-अलग चेक और नकद राशि प्राप्त की।
दिसंबर 2024 व जनवरी 2025 में 5-5 लाख के दो चेक दिए गए। 3 जनवरी 2025 को एग्रीमेंट के समय 18.50 लाख रुपये दिए गए। 25 जून 2025 को एमवीडीए शुल्क के नाम पर 10 लाख रुपये नकद लिए गए।
समझौते के अनुसार 6 माह में कब्जा मिलना था, लेकिन समय बीतने पर जब पीड़ित ने जांच की तो पैरों तले जमीन खिसक गई। पता चला कि जिस जमीन का सौदा किया गया, उसका न तो आरोपियों के नाम कोई बैनामा है और न ही कोई पावर ऑफ अटॉर्नी। आरोप है कि आरोपियों ने कूटरचित (फर्जी) दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी की। यही नहीं, कंपनी सत्व्या एस्टेट का रेरा में भी कोई पंजीकरण नहीं है। धोखाधड़ी का खुलासा होने पर जब पीड़ित ने दबाव बनाया, तो आरोपियों ने सितंबर 2025 में 9 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से वापस कर दिए, लेकिन शेष 28.50 लाख रुपये अब भी नहीं दिए हैं। पीड़ित ने एसएसपी को तहरीर देकर नामजदों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। सीओ सदर पीतमपाल सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।