फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साधु नहीं शैतान: बच्चियों से गंदी हरकत, मोबाइल में करता था कैद...मेमोरी कार्ड में काली करतूत के पुख्ता सबूत

Thu, 26 Jun 2025 12:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

सीबीआई ने मथुरा से जिस साधु को गिरफ्तार किया, उसके कमरे से मेमोरी कार्ड बरामद हुआ है। सीबीआई का मानना है कि इस मेमोरी कार्ड में पुजारी की काली करतूत के पुख्ता सबूत हैं।
 
विज्ञापन
संत (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : freepik
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मथुरा के जैंत थाना क्षेत्र में एक गांव के मंदिर पर रहने वाले आरोपी पुजारी के कमरे से सीबीआई के हाथ अन्य सामान के साथ एक मेमोरी कार्ड भी मिला था। सीबीआई को पूरा यकीन है कि पुजारी के कमरे से मिले मेमोरी कार्ड में पुजारी की काली करतूत के पुख्ता सबूत हैं। चूंकि पुजारी के टूटे हुए मोबाइल से डाटा निकालते समय डाटा करप्ट होने की संभावना है। ऐसे में मेमोरी कार्ड सीबीआई के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें -  UP: श्रीबांकेबिहारी मंदिर काॅरिडोर...निर्माण को लेकर सामने आई नई जानकारी, ऐसे हुआ करेंगे ठाकुरजी के दर्शन

 

शनिवार को सीबीआई ने जैंत थाना क्षेत्र के एक गांव में मंदिर के पुजारी एटा के नवादा निवासी श्याम बिहारी को गिरफ्तार किया था। सीबीआई उसे अपने साथ ले गई। रविवार को सीबीआई ने एसएसपी श्लोक कुमार को जानकारी दी और गांव में जाने के लिए पुलिस फोर्स मांगी। एसएसपी ने सीओ और थाना प्रभारी समेत पुलिस बल सीबीआई के अधिकारियों को उपलब्ध करा दिया। सीबीआई की टीम ने पुजारी के कमरे को अच्छी तरह से खंगाला। जबकि सीबीआई ने शनिवार को गिरफ्तारी के समय भी पुजारी के कमरे की अच्छी तरह से तलाशी ली थी।

ये भी पढ़ें -  UP: एलपीजी सिलिंडर से भरा ट्रक पलटा...हाईवे पर फैल गई दहशत, एक घंटे तक जाम में फंसे रहे वाहन


 

इसके बाद भी उन्हें लगा कि पुजारी के कमरे में अभी और सबूत हो सकते हैं। बताया जाता है कि कमरे की तलाशी में सीबीआई को एक मेमोरी कार्ड मिला है। मेमोरी कार्ड में पुजारी की काली करतूत की तस्वीरें और वीडियो हो सकते हैं। कमरे की तलाशी में सीबीआई को दो मोबाइल भी मिले थे, इसमें से एक मोबाइल टूटा हुआ था। एक मोबाइल से बच्चियों के यौन उत्पीड़न के वीडियो व अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। जबकि टूटा हुए मोबाइल से अभी कुछ नहीं मिला है। मामले की जांच कर रही टीम को डर है कि टूटे हुए मोबाइल से डाटा निकालते समय करप्ट न हो जाए। इसलिए उसे साइबर विशेषज्ञ को सौंपा गया है।

ये भी पढ़ें -  UP: 'किसी भी मंदिर का अधिग्रहण नहीं', ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ ने बताई सरकार की मंशा
 

पीड़ितों के परिजन को समझाना सीबीआई के लिए चुनौती
एक ओर सीबीआई अपने दम पर बच्चियों का यौन शोषण कर उसे इंटरनेट पर बेचने वाले के खिलाफ कार्रवाई करने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर बच्चियों के परिजन सीबीआई के सामने आने से कतरा रहे हैं। पुजारी से मिले मोबाइल समेत अन्य उपकरणों से मिली बच्चियों की तस्वीर और वीडियो के आधार पर उनके परिजन को समझा-बुझाकर तैयार किया है। सीबीआई की टीम अभी तक दो बच्चियों के कोर्ट में बयान दर्ज करा चुकी है, जबकि अन्य बच्चियों के परिजन सीबीआई के सामने आने से कतरा रहे हैं। सीबीआई पुलिस की मदद से पीड़ितों के परिजन की काउंसलिंग कर उन्हें कोर्ट में गवाही देने की तैयारी कर रही है। इधर, बुधवार को भी गांव में सन्नाटा पसरा रहा।
विज्ञापन

एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि सीबीआई की टीम अपने स्तर से कार्य कर रही है। टीम ने लोकल पुलिस को मामले में शामिल नहीं किया है। इसलिए टीम क्या कार्य कर रही है। इसकी जानकारी नहीं है। जब उन्हें हमसे सहायता की आवश्यकता होगी सहायता की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें