सनातन एकता पदयात्रा को लेकर हुई बैठक।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आगामी सनातन हिन्दू एकता पदयात्रा को लेकर बुधवार को मथुरा के नंदगांव स्थित बालकृष्ण गोशाला एवं ब्रज तीर्थ देवालय न्यास के संयुक्त तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में स्थानीय संतों, ब्रज के प्रमुख मंदिरों और देवालयों के सेवायतों व महंतों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
बैठक में बताया गया कि यह पदयात्रा 7 नवम्बर को दिल्ली के छत्तरपुर मंदिर से प्रारंभ होकर 16 नवम्बर को वृंदावन स्थित श्रीबांके बिहारी मंदिर में दर्शन के साथ संपन्न होगी। यात्रा के दौरान साधु-संत और श्रद्धालु अनेक तीर्थस्थलों पर धर्मसभा और जनजागरण के कार्यक्रम करेंगे।
इस अवसर पर अयोध्या हनुमान गढ़ी के महंत राजू दास ने कहा कि यह पदयात्रा समाज में एकता, समानता और सांस्कृतिक जागरण का संदेश लेकर निकलेगी। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति का संरक्षण और भारत को वैचारिक रूप से एक हिंदू राष्ट्र के रूप में जाग्रत करना ही इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि अब समय हाथ में माला और भाला दोनों रखने का है। विधर्मियों को ठोकना पड़ेगा, संहार करना पड़ेगा।
अंतरराष्ट्रीय कथावाचक एवं न्यास के पदाधिकारी डॉ. हरिमोहन गोस्वामी ने बताया कि कोटवन बॉर्डर पर बागेश्वर धाम सरकार के धीरेंद्र शास्त्री का बृजवासियों द्वारा भव्य स्वागत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 'अब समय केवल पूजा-पाठ का नहीं, बल्कि सनातन की रक्षा के लिए जागरण और एकजुटता का है।' उन्होंने कहा कि आज ब्रज के 20 गांवों के प्रतिनिधियों ने इस बैठक में भाग लेकर यात्रा को सफल बनाने का संकल्प लिया और 'एक श्रेष्ठ सनातन, अखंड भारत' का संदेश दिया।
डॉ. गोस्वामी ने बताया कि नंदगांव सहित मथुरा के विभिन्न क्षेत्र के अनेक स्वयंसेवक इस यात्रा में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। बैठक में रघुनाथ गोस्वामी, त्रिलोक शास्त्री, न्यास के उपाध्यक्ष आर.के. पांडे, महंत गुरुप्रसाद रामायणी, सुनील दास, ताराचंद गोस्वामी, विजन मास्टर और रमेश मास्टर सहित अनेक संत-महंत एवं सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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