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Mathura News: कुख्यात रहे हैं मथुरा के टप्पेबाज और टटलूबाज

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मथुरा। जिले में टप्पेबाजी और ठगी का खेल कोई नया नहीं है। यहां के टप्पेबाज और टटलूबाज पुराने समय से ही अपने शातिराना अंदाज के लिए कुख्यात रहे हैं। कभी सोने की ईंट और सिक्के देने के नाम पर लोगों को जाल में फंसाकर ठगी की जाती थी तो अब समय के साथ अपराधियों ने अपने तरीके बदल लिए हैं। टटलूबाजी से शुरू हुआ खेल अब साइबर ठगी के माध्यम से देश ही नहीं विदेश तक पहुंच गया है।
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पुराने समय में टटलूबाज लोगों को सस्ते में सोने की ईंट, सिक्के या अन्य कीमती सामान देने का लालच देते थे। इसके लिए पहले लोगों को विश्वास में लिया जाता था। कई बार असली सोने का छोटा टुकड़ा दिखाकर भरोसा पैदा किया जाता और फिर नकली सोना देकर बड़ी रकम ऐंठ ली जाती थी। कुछ मामलों में पीड़ितों को सुनसान स्थान पर बुलाकर लूटपाट भी की जाती थी। इस तरह के मामलों में मथुरा का नाम लंबे समय तक चर्चा में रहा।
समय बदला तो ठगी के तरीके भी बदल गए। टटलूबाजों ने टप्पेबाजी का तरीका अपनाया। अब वाहन चालकों को रास्ते में तेल गिरने, वाहन खराब होने या किसी अन्य बहाने से रोककर उनका ध्यान भटकाया जाता है। इसके बाद मौका मिलते ही कार से नकदी और कीमती सामान पार कर दिया जाता है। हाल ही में हाईवे थाना क्षेत्र में प्लाईवुड कारोबारी के कर्मचारियों से 25 लाख रुपये की टप्पेबाजी की घटना भी इसी तरह के तरीके का उदाहरण है। बाइक सवार बदमाशों ने कार से तेल गिरने की बात कहकर वाहन रुकवाया और कर्मचारियों को बातों में उलझाकर नकदी से भरा बैग लेकर फरार हो गए।
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एसपी देहात सुरेश चंद रावत ने बताया कि टप्पेबाज और साइबर ठगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। साइबर ठगी के लिए प्रसिद्ध हुए क्षेत्रों में सर्च अभियान चलाकर ठगों की गिरफ्तारी की गई है।

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साइबर ठगी में भी बढ़ा दखल
टप्पेबाजों और ठगों ने अब तकनीक का भी सहारा लेना शुरू कर दिया है। मोबाइल फोन, फर्जी पहचान और इंटरनेट के माध्यम से लोगों को झांसे में लेकर रकम हड़पने के मामले भी सामने आ रहे हैं। पुलिस के अनुसार अपराधी लगातार अपने तौर-तरीके बदल रहे हैं, जिससे इनके खिलाफ कार्रवाई करना चुनौतीपूर्ण हो गया है।



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पुलिस चला रही लगातार अभियान
पुलिस टप्पेबाजों, टटलूबाजों और साइबर ठगों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। पुराने अपराधियों का सत्यापन कराने के साथ ही सीसीटीवी कैमरों, सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस की टीमें संदिग्ध गिरोहों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। अपराधी भले ही वारदात के तरीके बदल रहे हों, लेकिन पुलिस भी आधुनिक तकनीक और सघन निगरानी के माध्यम से ऐसे गिरोहों पर शिकंजा कस रही है। लोगों से भी अपील की जा रही है कि लालच में आकर किसी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।


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यह क्षेत्र हैं साइबर ठगी के लिए कुख्यात
साइबर ठगी और टप्पेबाजी के लिए कोसीकलां क्षेत्र के गांव सबसे ज्यादा पहचाने जाते हैं। इसके अलावा, शेरगढ़ और गोवर्धन थाना क्षेत्र के गांव देवसेरस, दौलतपुर, जंघावली और विशंभरा को भी साइबर अपराधियों का प्रमुख गढ़ माना जाता है।
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