मथुरा को नगर निगम का दर्जा दे सकती है सरकार। हालांकि इसके लिए लिखा पढ़ी तो पिछले कई साल से चल रही है मगर इस बार सरकार कई दफा इशारा कर चुकी है। सीमा विस्तार भी कर दिया गया है। 50 से ज्यादा गांवों को सीमा विस्तार में शामिल किया गया है।
मथुरा नगरपालिका को नगर निगम बनाने के लिए अरसे से आवाज उठ रही है। सियासी दलों ने भी शिद्दत के साथ मांग उठाई। धार्मिक नगरी है और पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है लिहाजा उसी तरह से विकास का पैमाना भी बनाया जा रहा है। कई मानकों पर मथुरा इस समय नगर निगम की कसौटी पर खरा भी उतर रहा है। प्रदेश सरकार ने कई दफा प्रशासन से इसके लिए रिपोर्ट भी मांगी थी।
जनसंख्या से लेकर आसपास की बसावट पर भी रिपोर्ट मांगी थी। यह भी पूछा गया कि किस-किस इलाके को नगर निगम बनने पर शहर में शामिल किया जा सकता है। इससे माना जा रहा है कि शासन शहर को नगर निगम का दर्जा दे सकता है।
हालांकि फिलहाल तो सीमा विस्तार के प्रस्ताव को अनुमति दे दी गई है। 50 से ज्यादा गांवों को शामिल किया जाएगा। वहीं कई बड़ी ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत भी बनाया जा सकता है। इसके लिए भी प्रशासन प्रस्ताव बनाकर भेज रहा है। जो सबसे बड़ी ग्राम पंचायत हैं उन्हें लेकर शासन ने रिपोर्ट मांगी है। जनसंख्या से लेकर वहां के कुल क्षेत्रफल के बारे में पूछा गया है।